यूरोपीय आयोग का मेटा पर कड़ा प्रहार: व्हाट्सएप पर प्रतिद्वंद्वी AI चैटबॉट्स को रास्ता देने का निर्देश
यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिकी टेक दिग्गज मेटा (Meta) के बीच डिजिटल एकाधिकार को लेकर छिड़ी जंग अब और तेज हो गई है। यूरोपीय आयोग ने सोमवार को स्पष्ट किया कि मेटा को अपने लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) पर प्रतिद्वंद्वी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स को अनुमति देनी होगी। आयोग ने एक एंटीट्रस्ट जांच के बाद पाया कि मेटा ने अपनी नीतियों में बदलाव कर प्रतिस्पर्धा के नियमों का उल्लंघन किया है।
11 Feb 2026
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ब्रसेल्स: यूरोपीय संघ (EU) और अमेरिकी टेक दिग्गज मेटा (Meta) के बीच डिजिटल एकाधिकार को लेकर छिड़ी जंग अब और तेज हो गई है। यूरोपीय आयोग ने सोमवार को स्पष्ट किया कि मेटा को अपने लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप (WhatsApp) पर प्रतिद्वंद्वी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स को अनुमति देनी होगी। आयोग ने एक एंटीट्रस्ट जांच के बाद पाया कि मेटा ने अपनी नीतियों में बदलाव कर प्रतिस्पर्धा के नियमों का उल्लंघन किया है।
प्रतिस्पर्धा को नुकसान पहुँचाने का आरोप
यूरोपीय संघ के कार्यकारी निकाय के अनुसार, मेटा ने जनवरी से अपनी शर्तों में जो बदलाव किए हैं, उन्होंने प्रभावी रूप से तीसरे पक्ष (Third-party) के AI सहायकों को ग्राहकों से जुड़ने से रोक दिया है।
यूरोपीय प्रतिस्पर्धा प्रमुख टेरेसा रिबेराने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा:
"हम मेटा की नई नीति से प्रतिस्पर्धा को होने वाले अपूरणीय नुकसान को रोकने के लिए अंतरिम उपायों पर विचार कर रहे हैं। हम दिग्गज टेक कंपनियों को अपने दबदबे का नाजायज फायदा उठाने की अनुमति नहीं दे सकते।"
क्या हैं आयोग की आपत्तियां?
- दबदबे का दुरुपयोग: आयोग का मानना है कि यूरोपीय आर्थिक क्षेत्र (EEA) में मैसेजिंग के मामले में व्हाट्सएप का एकाधिकार है। ऐसे में अन्य AI बॉट्स को रोकना प्रतिस्पर्धा को खत्म करने जैसा है।
- मेटा AI को अनुचित लाभ: व्हाट्सएप के 3 अरब से अधिक उपयोगकर्ताओं को केवल 'मेटा AI' तक सीमित करना छोटे प्रतिस्पर्धियों और नए स्टार्टअप्स के लिए बाजार के रास्ते बंद करता है।
- संभावित अंतरिम आदेश: यदि आयोग आगे बढ़ता है, तो मेटा को जांच पूरी होने तक व्हाट्सएप पर तीसरे पक्ष के AI सहायकों को वही पुरानी पहुंच देनी होगी जो नीति परिवर्तन से पहले उपलब्ध थी।
मेटा की सफाई: "हस्तक्षेप का कोई ठोस आधार नहीं"
दूसरी ओर, मेटा ने आयोग के इन प्रारंभिक निष्कर्षों को सिरे से खारिज कर दिया है। कंपनी के प्रवक्ता ने तर्क दिया कि व्हाट्सएप बिजनेस API इन चैटबॉट्स के वितरण का एकमात्र जरिया नहीं है। लोग ऐप स्टोर, वेबसाइटों और ऑपरेटिंग सिस्टम के माध्यम से कई अन्य AI विकल्पों का उपयोग कर रहे हैं। मेटा का कहना है कि उनकी पाबंदियां केवल उन सेवाओं पर हैं जहां AI मुख्य सेवा है, जबकि ग्राहक सेवा जैसे कार्यों के लिए अभी भी AI के उपयोग की अनुमति है।
बढ़ती कानूनी मुश्किलें
यह मामला यूरोपीय संघ द्वारा 'बिग टेक' कंपनियों पर नकेल कसने की कड़ी में नवीनतम कदम है। विशेष रूप से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के कड़े रुख के बीच, यूरोपीय नियामक अमेरिकी तकनीकी कंपनियों की बाजार नीतियों की सूक्ष्मता से जांच कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मेटा पहले से ही यूरोपीय संघ में कई अन्य जांचों का सामना कर रही है, जिनमें शामिल हैं:
- सोशल मीडिया की लत: फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बच्चों में लत लगने के जोखिम को रोकने में विफलता की जांच।
- डिजिटल मार्केट्स एक्ट (DMA):पिछले साल लगे 200 मिलियन यूरो के जुर्माने के खिलाफ अपील और विज्ञापनों से जुड़े 'सब्सक्रिप्शन मॉडल' पर विवाद।
निष्कर्ष: फिलहाल, आयोग ने मेटा को एक औपचारिक 'आपत्ति विवरण' (Statement of Objections) भेजा है, जिसका जवाब देने के लिए कंपनी के पास समय है। हालांकि इस जांच के समापन की कोई निश्चित समय सीमा तय नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट है कि यूरोप के डिजिटल बाजार में अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए मेटा को कड़े नियामकीय संघर्ष से गुजरना होगा।