संपादकीय- डिजिटल नियंत्रण ढांचाः चुप्पी की ओर बढ़ता लोकतंत्र
आज के डिजिटल युग में पत्रकारिता ने अपनी सबसे जीवंत और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति सोशल मीडिया और यूट्यूब जैसे मंचों पर पाई है। यह वह क्षेत्र था जहां सीमित संसाधनों वाला एक स्वतंत्र पत्रकार भी सत्ता से सवाल कर सकता था, और नागरिक बिना किसी मध्यस्थ के अपनी बात रख सकता था।
15 Apr 2026 119
शब्दचित्रः नियति का शंखनाद
वसंत की बयार इस बार केवल प्रकृति का श्रृंगार नहीं, अपितु उन पांच राज्यों के भाग्य-निर्धारण की प्रस्तावना है, जिसकी गूंज इंद्रप्रस्थ के सिंहासन को स्पंदित कर रही है। यह मात्र निर्वाचन नहीं, अपितु भारतीय राजनीति के भविष्य का निर्णायक वैचारिक प्रतिवेदन है।
15 Apr 2026 125
इस्लामाबाद में कूटनीति की अंत्येष्टिः सुलगता सन्नाटा
इस्लामाबाद की मेज पर बिखरी कूटनीतिक रिक्तता ने मध्य-पूर्व के क्षितिज पर पुनः युद्ध के बादलों को सघन कर दिया है। अमेरिका-ईरान वार्ता की यह विफलता भारत के लिए केवल एक आर्थिक संकट नहीं, बल्कि उसकी रणनीतिक स्वायत्तता की अंतिम और निर्णायक कसौटी है।
15 Apr 2026 113
रसोई का संकट
पश्चिम एशिया के रक्तवर्ण क्षितिज से उठी युद्ध की लपटों ने दिल्ली की रसोइयों को शीतलता और धुएं के आगोश में धकेल दिया है। आधुनिकता का उज्ज्वल स्वप्न आज हॉर्मुज जलडमरूमध्य के सामरिक अवरोधों और खाली सिलेंडरों की लंबी कतारों के बीच दम तोड़ रहा है।
15 Apr 2026 217
आवरणकथा- सत्ता संग्राम
भारत की राजनीतिक धरती पर पांच राज्यों का चुनावी संग्राम केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि विचारधाराओं के निर्णायक टकराव का मंच बन चुका है। यह मुकाबला आने वाले वर्षों में देश की दिशा, दशा और लोकतांत्रिक संतुलन को परिभाषित करेगा।
15 Apr 2026 127
लाल अंतः बंदूकों के बाद का सवाल
छत्तीसगढ़ के कुतुल में 'ढला लाल साया' अब सिर्फ एक अंत नहीं, बल्कि एक नए द्वंद्व की शुरुआत है। माओवादी खौफ के बाद यहां विकास की दस्तक तो है, लेकिन उसके साथ न्याय, विस्थापन और भरोसे के कठिन सवाल भी खड़े हैं।
15 Apr 2026 92
रॉकेट फोर्स: युद्ध का नया व्याकरण
आधुनिक युद्ध अब सीमाओं की टकराहट नहीं, बल्कि तकनीक, गति और सटीकता के उस अदृश्य संग्राम में बदल चुका है, जहाँ निर्णय पलों में होते हैं। ऐसे समय में रॉकेट और मिसाइल का एकीकरण भारत की रणनीतिक अनिवार्यता बन चुका है।
15 Apr 2026 97
डिजिटल विद्रूपता का नया युग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस युग में सत्य और मिथ्या की विभाजक रेखा लुप्त हो चुकी है। दुष्प्रचार के इस महाविस्फोट ने भारत को एक ऐसे डिजिटल रणक्षेत्र में धकेल दिया है, जहां हर ध्वनि और दृश्य अब संदेह के गहरे घेरे में है।
15 Apr 2026 96
थोरियम का शंखनाद
कलपक्कम की धरा से उठा परमाणु ऊर्जा का नया स्वर भारत को ऊर्जा संप्रभुता के शिखर की ओर ले जा रहा है। स्वदेशी 'फास्ट ब्रीडर रिएक्टर' की सफलता मात्र एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन में भारत के 'अजेय' होने का उद्घोष है।
15 Apr 2026 100
बिहार में नया ‘सम्राट’
तीन दशकों तक लालू और नीतीश की धुरी पर घूमने वाली बिहार की सियासत अब एक ऐतिहासिक विस्थापन की साक्षी बनी है। भाजपा ने पहली बार मुख्यमंत्री पद पर अपना ध्वज फहराकर न केवल राज्य का राजनैतिक डीएनए बदल दिया है, बल्कि 2029 के महासमर की एक नई बिसात भी बिछा दी है।
15 Apr 2026 89
आकाश की विवशता
गगन की अनंत सीमाओं को सुरक्षित रखने वाले वायुसैनिकों का भविष्य आज तकनीकी विलंब और नीतिगत जड़ता के भंवर में फंसा है। स्वदेशी संकल्पों की विफलता ने भारतीय वायुसेना को पुराने प्लेटफॉर्मों और विदेशी निर्भरता की विवशता के कठोर धरातल पर ला खड़ा किया है।
15 Apr 2026 111
अंबर के आलिंगन का महाअभ्यास
अनंत अंतरिक्ष की निःशब्द गहराइयों को लांघकर जब भारत का 'गगनयान' वापस लौटेगा, तो उसकी सफलता का श्रेय रॉकेट की शक्ति को नहीं, बल्कि उन रेशमी छतरियों को जाएगा जो मृत्यु और जीवन के बीच सुरक्षा का एक अभेद्य सेतु निर्मित करेंगी।
15 Apr 2026 85
अदृश्य आकाश, रक्तरंजित अरण्य
पूर्वोत्तर के अभेद्य जंगलों में अब बारूद की गंध के साथ एक अदृश्य तकनीकी जाल बिछाया जा रहा है। विदेशी हस्तक्षेप और ड्रोन-सैटेलाइट की जुगलबंदी ने पारंपरिक संघर्ष को अत्याधुनिक विभीषिका में बदल दिया है, जो भारत की सामरिक संप्रभुता के सम्मुख गंभीर चुनौती है।
15 Apr 2026 98
असफल शांति, बढ़ता युद्ध
इस्लामाबाद की मेज पर बिखरी कूटनीतिक रिक्तता ने मध्य-पूर्व के क्षितिज पर पुनः युद्ध के बादलों को सघन कर दिया है। अमेरिका-ईरान वार्ता की यह विफलता भारत के लिए केवल एक आर्थिक संकट नहीं, बल्कि उसकी 'स्ट्रेटेजिक ऑटोनॉमी' की अंतिम कसौटी है।
12 Apr 2026 116
साइना नेहवालः जिद, युग, विरासत
चीनी एकाधिकार की दीवारें ढहाने वाली साइना नेहवाल का संन्यास एक युग का समापन है। उनकी विरासत केवल पदक नहीं, बल्कि भारतीय बैडमिंटन का आत्मविश्वास है।
16 Feb 2026 407
SHANTI: भविष्य का आधार
दिसंबर 2025 का 'शांति अधिनियम' भारत के लिए केवल एक कानूनी सुधार नहीं, बल्कि परमाणु संकोच से परमाणु आत्मविश्वास की ओर महाप्रस्थान है। 'नेट ज़ीरो' के लक्ष्य और एसएमआर तकनीक के संगम से, नई दिल्ली अब वैश्विक परमाणु प्रशासन का नया व्याकरण लिख रही है। क्या यह नीति भारत को ऊर्जा का नया लाइटहाउस बनाएगी?
16 Feb 2026 361
आकाशीय संप्रभुताः SJ-100 बनेगा भारत का सारथी?
भारत-रूस का 'SJ-100' समझौता केवल विमान निर्माण का अनुबंध नहीं, बल्कि पश्चिमी एकाधिकार को चुनौती देती एक सामरिक हुंकार है। तकनीकी संप्रभुता और 'उड़ान' योजना के लक्ष्यों को साधता यह 'नभ-विहंग', क्या भारत को वैश्विक विमानन विनिर्माण का नया शक्ति-केंद्र बना पाएगा? आइए, इस नए औद्योगिक कुरुक्षेत्र का विश्लेषण करें।
16 Feb 2026 330
आत्मनिर्भर भारत का 'रेयर अर्थ' संकल्प
संगीत के एक पुराने हिट से लेकर आधुनिक तकनीकी युद्ध तक, दुर्लभ मृदा तत्व आज वैश्विक सत्ता-संतुलन का नया आधार बन चुके हैं। चीन के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए भारत अब खनिज संप्रभुता की निर्णायक दौड़ में उतर चुका है।
16 Feb 2026 320
भारत-मलेशियाः नई कूटनीतिक धुरी
कुआलालंपुर में भारत-मलेशिया ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी का नया व्याकरण लिखा है। रक्षा, तकनीक और सांस्कृतिक विरासत का यह संगम हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सामरिक स्थिरता का एक नया सूर्योदय है।
16 Feb 2026 294
संसद में टकराव, जवाबदेही पर सवाल
हालिया बजट सत्र में संसद केवल हंगामे का मंच नहीं, बल्कि सरकार की जवाबदेही की कठोर परीक्षा बन गया। विपक्ष ने सत्ता को ऐसे सवालों के कटघरे में खड़ा किया, जिनसे बचना अब राजनीतिक नहीं, लोकतांत्रिक संकट बनता जा रहा है।
16 Feb 2026 263
पहचान का वनवास
असम के बागानों में ‘टी-ट्राइब’ पहचान तले दबी आदिवासी अस्मिता अब चुनावी गणित को चुनौती दे रही है। यह ऐतिहासिक न्याय और राजनीतिक वजूद की बहाली का एक निर्णायक शंखनाद है।
16 Feb 2026 247
मराठा दुर्ग में 'आधुनिक पेशवा' का शंखनाद
सह्याद्रि की अभेद्य पर्वतमालाओं और अरब सागर की उद्दाम लहरों की ओट में बसा महाराष्ट्र, भारतीय राजनीति की वह उर्वर प्रयोगशाला है जहाँ सत्ता का विमर्श अक्सर स्थापित क्षत्रपों और चंद रसूखदार परिवारों की निजी जागीरदारी के इर्द-गिर्द ही घूमता रहा। दशकों तक इस वीरभूमि का अलिखित संविधान यही रहा कि यहाँ का सिंहासन केवल ‘मराठा’ प्रभुत्व के लिए आरक्षित है।
16 Feb 2026 244
महाराष्ट्र का नया व्याकरणः ठाकरे विरासत का विसर्जन
महाराष्ट्र के हालिया स्थानीय निकाय चुनाव किसी साधारण राजनीतिक मुकाबले का परिणाम नहीं, बल्कि एक पूरे युग के क्षय का संकेत हैं। मतदाताओं का झुकाव शिंदे की शिवसेना की ओर यह बताता है कि बाल ठाकरे की विरासत अब स्मृति का विषय अधिक और राजनीतिक शक्ति का स्रोत कम रह गई है। यह चुनाव उस कठोर सच्चाई को सामने रखता है कि महाराष्ट्र की राजनीति अब प्रतीकों से नहीं, सत्ता, संगठन और स्पष्ट वैचारिक दिशा से तय हो रही है।
16 Feb 2026 190
परिसीमन: ततैया का छत्ता
परिसीमन की प्रक्रिया भारत के लोकतांत्रिक और संघीय ढांचे के लिए एक निर्णायक मोड़ बन चुकी है। यह केवल संसदीय सीटों के पुनर्वितरण का प्रश्न नहीं, बल्कि प्रतिनिधित्व, संतुलन और राष्ट्रीय एकता की गहरी परीक्षा है।
16 Feb 2026 262
भारत-अमेरिका व्यापार समझौताः कूटनीतिक 'रीसेट'
2 फरवरी 2026 की वह शाम भारतीय विदेश मंत्रालय के गलियारों में एक तनावपूर्ण सन्नाटा लेकर आई थी। वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच पिछले एक साल से जारी कूटनीतिक गतिरोध और ‘छूटे हुए अवसरों’ की छाया इस आधे घंटे की टेलीफोनिक बातचीत पर मंडरा रही थी।
16 Feb 2026 275
संक्रांति का शंखनाद, भारत-ईयू एफटीए
अठारह वर्षों की कूटनीतिक जड़ता को तोड़ते हुए भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौता केवल आर्थिक करार नहीं, बल्कि बहुध्रुवीय विश्व-व्यवस्था की ओर बढ़ता एक निर्णायक कदम है। ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ भारत को व्यापार, तकनीक और रणनीति—तीनों स्तरों पर वैश्विक धुरी के रूप में स्थापित करती है।
16 Feb 2026 271
केंद्रीय बजटः भविष्य का बजट, वर्तमान की चिंता
केंद्रीय बजट 2026–27 ने भारत को आधुनिक, तकनीक-संचालित और वैश्विक प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्था बनाने की महत्त्वाकांक्षा दिखाई है। लेकिन बुनियादी ढांचे की चमक के पीछे सामाजिक सुरक्षा, रोजगार और समावेशन की चुनौतियां और गहरी होती दिख रही हैं।
16 Feb 2026 248
बांग्लादेश: जनादेश पार कूटनीति के द्वार
बांग्लादेश में बीएनपी की प्रचंड जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि दक्षिण एशिया की कूटनीति में नए अध्याय का संकेत है। यह जनादेश भारत के लिए आशंका नहीं, बल्कि संतुलित संवाद और रणनीतिक पुनर्संयोजन का अवसर खोलता है।
16 Feb 2026 256
एपस्टीन फाइल: सत्ता की चुप्पी व लोकतंत्र की अग्निपरीक्षा
संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा एपस्टीन फाइल का मुद्दा उठाया जाना कोई सनसनीखेज बयान नहीं, बल्कि सरकार की नैतिकता पर सीधा प्रहार था। इसके जवाब में मंत्री हरदीप सिंह पुरी की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने सवालों का समाधान करने के बजाय संदेह को और गहरा किया। सरकार आज जवाब देने की जगह बचाव की मुद्रा में दिखती है—और यही सबसे गंभीर संकेत है।
16 Feb 2026 245
एक खत अपने व्यक्तिगत आजादी और मानव अधिकारों की रक्षा में सहयोग के लिये एमिनेस्टी इंटरनेशनल के नाम.
बेंगलुरु में एमिनेस्टी के कार्यक्रम में कश्मीर की आजादी के नारे के परिप्रेक्ष्य में.
17 Aug 2016 2858
महागठबंधन द्वारा राज्य से बाहर रह रहे बिहारियों को पिटवाने की तैयारी!
लालू-नीतीश राज्य में बाहरी लोगों को आने के खिलाफ....
30 Jul 2016 2286
सुशासन बाबू बिहार में दलितों पर अत्याचार को देखें, गुजरात आपका नहीं...
नीतीश के शासन में दलितों पर अत्याचार, दबंगों ने की दलित महिला के साथ जमकर मारपीट
25 Jul 2016 3062
चुनाव पूर्व यह मायावती का सतालोलुप और दमनात्मक चेहरा है
‘महिला विरोधी बीजेपी मुर्दाबाद’ कहने के कुछ ही सेकेंड बाद दयाशंकर की बहन-बेटी को पेश करने के नारे लगा रहे थे..
23 Jul 2016 1739
उत्तर प्रदेश विस चुनावः रोमांचक ड्रामे का आगाज
उत्तर प्रदेश की सियासत में जून की तपिश बढ़ने लगी है..
02 Jul 2016 1290
पानी-पानी करती दिल्ली की जनता, गोवा में सनी-सनी करते केजरीवाल!
बिजली-पानी के अभाव में तडपती दिल्ली को भूल केजरीवाल गोवा को दिल्ली बनाने में जुटे. <Br/>
30 Jun 2016 1496
वामपंथ की फरेबी शब्दावली के दो शब्दः ‘दक्षिणपंथ’ और ‘फासीवाद’- श्री राजेश.
लेखक , पत्रकार एवं राजनीतिक तथा सामाजिक विश्लेषक श्री राजेश का लेख.
24 Jun 2016 1031
कैराना से पलायन मसले पर कुछ मीडिया सदमें में क्यूँ है?
पलायन का कारण जो भी हो गुंडागर्दी, षडयंत्र और राजनीति, पलायन हुआ तो है.
14 Jun 2016 1173
विदेशी चंदे के गलत इस्तेमाल के लिए बैन NGO को कांग्रेस और वाम का साथ क्यूँ?
मोदी सरकार के विरोधी बुद्धिजीवियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला.
04 Jun 2016 1187
मथुरा में हिंसा के पीछे कौन?
इस तरह की संगठित हिंसा धार्मिक, राजनितिक और प्रशासनिक असफलता को नहीं दर्शाता?
03 Jun 2016 1451
लता जी और सचिन वाले AIB की विवादित वीडियो को सोनम कपूर का समर्थन
क्या सोनम कपूर को भी सस्ती लोकप्रियता पाने की सनक है
01 Jun 2016 1248
नसीरुद्दीन साहब मैं बहुसंख्यक हिन्दू हूँ. तो क्या किसी मुस्लिम पर हुए अत्याचार पर मुझे नहीं बोलना चाहिए?
अनुपम खेर पर नसीरुद्दीन शाह के बयान पर पूर्वांचलसूर्य की राय
28 May 2016 975