विप्रो का मुनाफा बढ़कर ₹3,352 करोड़ हुआ, निवेशकों के लिए ₹2 के डिविडेंड का ऐलान

कैचलाइन: IT दिग्गज के रेवेन्यू में 11% का तगड़ा उछाल, बड़े डील्स की बुकिंग 12.9% बढ़ी; जानिए अगली तिमाही के लिए क्या है कंपनी का प्लान

16 Jul 2026  |  968

 

 

बेंगलुरु / मुंबई: देश की दिग्गज आईटी (IT) सेवा प्रदाता कंपनी विप्रो लिमिटेड (Wipro Limited) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के अपने वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। दिग्गज कारोबारी अजीम प्रेमजी के नेतृत्व वाले इस ग्रुप ने जून तिमाही में मुनाफे और रेवेन्यू दोनों मोर्चों पर सकारात्मक प्रदर्शन किया है। वित्तीय नतीजों की घोषणा के साथ ही कंपनी के बोर्ड ने अपने शेयरधारकों को एक बड़ा तोहफा देते हुए अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) का भी ऐलान किया है।

1. मुनाफे में 1% की बढ़त, रेवेन्यू 11% उछला

विप्रो द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन स्थिर और मजबूत रहा है:

नेट प्रॉफिट (शुद्ध लाभ): सालाना आधार पर कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट लगभग 1% बढ़कर 3,352 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 3,330 करोड़ रुपये था।

कुल रेवेन्यू (आय): ऑपरेशन से होने वाली आय में 11% की शानदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह पिछले साल के 22,135 करोड़ रुपये के मुकाबले बढ़कर 24,479 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। हालांकि, यह बाजार विश्लेषकों के 24,776 करोड़ रुपये के औसत अनुमान से थोड़ी कम रही।

2. शेयरधारकों के लिए लाभांश (Dividend) की घोषणा

कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने निवेशकों को प्रतिफल देते हुए 2 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के अंतरिम लाभांश (Interim Dividend) को मंजूरी दी है। इससे विप्रो के शेयरधारकों को सीधे तौर पर आर्थिक लाभ मिलेगा।

3. आईटी सर्विस और लार्ज डील्स का प्रदर्शन

विप्रो के मुख्य कोर बिजनेस यानी आईटी सर्विसेज के मोर्चे पर मिश्रित आंकड़े देखने को मिले हैं:

IT सर्विस रेवेन्यू: इस सेगमेंट से कंपनी को $2.61 बिलियन का रेवेन्यू मिला, जो साल-दर-साल आधार पर 1% ज्यादा है, लेकिन पिछली तिमाही के मुकाबले 1.4% कम है।

लार्ज डील्स में तेजी: तिमाही के दौरान बड़े सौदों (Large Deals) की बुकिंग में शानदार तेजी आई। यह तिमाही-दर-तिमाही 12.9% बढ़कर $1.63 बिलियन पर पहुंच गई। वहीं, इस तिमाही के लिए कंपनी की कुल बुकिंग $3.37 बिलियन दर्ज की गई।

ऑपरेटिंग मार्जिन: आईटी सर्विस का ऑपरेटिंग मार्जिन 16% रहा, जिसमें पिछली तिमाही के मुकाबले 130 बेसिस पॉइंट्स की गिरावट आई है।

4. कर्मचारियों के मोर्चे पर राहत और कैश फ्लो

कंपनी के लिए एक अच्छी खबर यह रही कि पिछले 12 महीनों के आधार पर वॉलंटरी एट्रिशन रेट (कर्मचारियों के अपनी मर्जी से नौकरी छोड़ने की दर) नियंत्रण में रहते हुए 13.9% पर आ गई है। इसके अलावा, कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो ₹3,288 करोड़ रहा, जो इसकी कुल नेट इनकम का 98% है।

अगली तिमाही (Q2) के लिए विप्रो का आउटलुक

आगामी जुलाई-सितंबर (दूसरी) तिमाही के लिए विप्रो ने अपना राजस्व (Revenue Guidance) अनुमान जारी कर दिया है। कंपनी को उम्मीद है कि उसका आईटी सर्विस रेवेन्यू $2.57 बिलियन से $2.63 बिलियन के बीच रह सकता है। कॉन्स्टेंट करेंसी (Constant Currency) के लिहाज से देखें तो अगली तिमाही में यह प्रदर्शन पिछली तिमाही की तुलना में 1.5% की गिरावट से लेकर 0.5% तक की बढ़त के दायरे में रहेगा।

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