बिहार सरकार की महायोजना को मंजूरी: समस्तीपुर को ₹228 करोड़ की बड़ी सौगात, पानी के लिए जंग होगी खत्म, 'अमृत 2.0' से बदलेगी शहर की तस्वीर

वर्षों पुराने पेयजल संकट को दूर करने के लिए बिहार सरकार की महायोजना को मंजूरी; आधुनिक पाइपलाइन और नए वाटर स्टोरेज से बुझेगी हजारों परिवारों की प्यास।

16 Jul 2026  |  1188

 

 

समस्तीपुर, 

समस्तीपुर शहर के हजारों परिवारों की सुबह आज भी पानी की जद्दोजहद से शुरू होती है—कहीं बाल्टी लेकर सरकारी नल का इंतजार, तो कहीं मोटर चलाकर पानी खींचने की मशक्कत। वर्षों से शहर की पहचान बन चुकी इस गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए बिहार सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अमृत 2.0 मिशन के तहत ₹228.45 करोड़ की शहरी जलापूर्ति परियोजना को प्रशासनिक मंजूरी दे दी है। इस योजना का मुख्य लक्ष्य हर घर तक स्वच्छ और नियमित पेयजल पहुंचाना है।

हर गर्मी में सूख जाते हैं नल; इन मोहल्लों में सबसे ज्यादा हाहाकार

समस्तीपुर में हर साल गर्मियों के दस्तक देते ही पानी के लिए त्राहि-त्राहि मच जाती है। कम जलदाब (लो-प्रेशर) और जलस्तर नीचे जाने से नल पूरी तरह सूख जाते हैं।

शहर के ये इलाके हर साल झेलते हैं सबसे ज्यादा मार:

काशीपुर, मगरदही, धर्मपुर, आजाद नगर और स्टेशन रोड।

मोहनपुर, बहादुरपुर, नक्कू स्थान, बंगाली टोला, हरपुर एलॉथ और पंजाबी कॉलोनी।

इन इलाकों के जिन परिवारों के पास निजी बोरिंग नहीं है, उन्हें एक-एक बाल्टी पानी के लिए पड़ोसियों या सार्वजनिक नलों पर निर्भर रहना पड़ता है।

परियोजना के तहत क्या-क्या बदलेगा?

इस ₹228 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम राशि से समस्तीपुर के पूरे वाटर सप्लाई नेटवर्क का कायाकल्प किया जाएगा:

नई पाइपलाइन: पूरे शहर में आधुनिक और लीकेज-प्रूफ पाइपलाइन का नया जाल बिछाया जाएगा।

जल भंडारण क्षमता में वृद्धि: पानी को स्टोर करने के लिए नए जलाशयों (Water Tanks) का निर्माण होगा।

आधुनिक वितरण प्रणाली: सुव्यवस्थित वितरण नेटवर्क के जरिए अंतिम छोर पर मौजूद घरों तक भी पर्याप्त दबाव के साथ पानी पहुंचेगा।

जनता की आवाज: 'घोषणा नहीं, समय पर काम चाहिए'

इस ऐतिहासिक मंजूरी के बाद जहां एक तरफ उम्मीद जगी है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय जनता समय पर काम पूरा होने को लेकर आशंकित भी है।

सुनीता देवी (मगरदही): "घर के बाकी कामों से ज्यादा चिंता पानी की रहती है। सुबह जल्दी उठकर लाइन में लगना पड़ता है। नियमित पानी मिलने लगे तो हम महिलाओं की सबसे बड़ी आफत खत्म हो जाएगी।" रंजीत कुमार (काशीपुर): "सरकार ने बजट तो पास कर दिया है, लेकिन काम भी समय पर जमीन पर दिखना चाहिए। केवल घोषणाओं से लोगों की प्यास नहीं बुझती।"

चिकित्सकों की राय: 'शुद्ध पानी से थमेगा बीमारियों का प्रकोप'

शहर के जाने-माने चिकित्सकों (डॉ. अरुण कुमार साहू, डॉ. अंशु कुमार, डॉ. विवेक कुमार और डॉ. पुष्पा रानी) का मानना है कि दूषित पानी के कारण समस्तीपुर में हर साल डायरिया, टाइफाइड और पीलिया जैसी बीमारियां फैलती हैं। इस परियोजना से शुद्ध पेयजल मिलने पर इन बीमारियों में भारी कमी आएगी, जिससे जनता के स्वास्थ्य में सुधार होगा।

अब आगे क्या होगा?

प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब विभाग विस्तृत तकनीकी प्रक्रिया (Detailed Technical Process) को पूरा करने में जुट गया है। इसके तुरंत बाद टेंडर जारी किए जाएंगे, निर्माण एजेंसी का चयन होगा और शहर भर में चरणबद्ध तरीके से कार्य शुरू कर दिया जाएगा। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि समस्तीपुर के भविष्य के लिए यह योजना मील का पत्थर साबित होगी, बशर्ते इसे पूरी पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समय पर पूरा किया जाए।

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