आमिर खान की तीसरी शादी पर अयोध्या के परमहंस आचार्य का विवादित बयान, नितेश राणे के 'लव जिहाद' वाले आरोप का किया समर्थन

बॉलीवुड अभिनेता की शादी पर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर के बिगड़े बोल; आमिर खान ने आरोपों पर दी सफाई, कहा– 'शादियां आपसी सम्मान और निजी पसंद पर आधारित थीं, किसी ने धर्म नहीं बदला।'

15 Jul 2026  |  877

 

 

अयोध्या / मुंबई।

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान द्वारा हाल ही में की गई तीसरी शादी को लेकर देश में राजनीतिक और सामाजिक बयानबाजी तेज हो गई है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे द्वारा आमिर खान को 'लव जिहाद का ब्रांड एंबेसडर' बताए जाने के बाद अब अयोध्या की तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने इस मामले में एक बेहद तीखा और विवादित बयान दिया है। उन्होंने नितेश राणे के आरोपों का समर्थन करते हुए अभिनेता के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक बातें कही हैं।

परमहंस आचार्य के विवादित बोल और इनाम की घोषणा

एक न्यूज एजेंसी के साथ विशेष बातचीत में जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने आमिर खान की शादियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा:

"आमिर खान ने तीन शादियां की हैं। इस उम्र में सिर्फ 'लव जिहाद' का संदेश देने के लिए ऐसा किया जा रहा है। नितेश राणे ने जो आरोप लगाया है, वह आरोप नहीं बल्कि हकीकत है।"

अपने बयान को और उग्र रूप देते हुए परमहंस आचार्य ने अभिनेता को नुकसान पहुंचाने वाले के लिए इनाम की भी घोषणा कर दी। उन्होंने कहा कि जो कोई भी इस कृत्य को अंजाम देगा, उसके परिवार को वह 5 करोड़ रुपये का इनाम देंगे और साथ ही पूरी कानूनी लड़ाई का खर्च भी उठाएंगे। उन्होंने दावा किया कि इस तरह के कड़े कदम उठाने से ही ऐसी घटनाओं पर रोक लग पाएगी।

विवाद पर आमिर खान की सफाई: "किसी ने नहीं बदला अपना धर्म"

लगातार हो रही ट्रोलिंग और लव जिहाद के गंभीर आरोपों के बीच आमिर खान ने इन बातों को सिरे से खारिज करते हुए अपनी स्थिति स्पष्ट की है। एक मीडिया संस्थान (रेडिफ) के साथ बातचीत में उन्होंने अपनी तीनों शादियों का सच सामने रखा।

आमिर खान ने स्पष्ट करते हुए कहा:

शादी का स्वरूप: "मेरी तीनों शादियां (रीना दत्ता, किरण राव और गौरी स्प्रैट) पूरी तरह से सिविल मैरिज (विशेष विवाह अधिनियम के तहत) थीं। इनमें से किसी ने भी शादी के लिए अपना धर्म नहीं बदला है।"

गौरी के धर्म पर स्पष्टीकरण: "गौरी हिंदू नहीं, बल्कि ईसाई (क्रिश्चियन) हैं। वह भी एक ऐसी ईसाई हैं जो बहुत ज्यादा धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन नहीं करती हैं।"

रिश्तों का आधार: उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके जीवन के सभी व्यक्तिगत रिश्ते हमेशा आपसी सम्मान, प्रेम और निजी पसंद पर आधारित रहे हैं, इनमें धार्मिक पहचान या किसी प्रकार का एजेंडा कभी आड़े नहीं आया।

5 जुलाई को हुई थी शादी, तब से जारी है विवाद

बता दें कि आमिर खान ने 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट के साथ तीसरी शादी की थी, जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार निशाना बनाया जा रहा है। जहां एक तरफ दक्षिणपंथी संगठनों और कुछ राजनेताओं द्वारा इसे धर्म विशेष से जोड़कर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ अभिनेता के प्रशंसकों और बुद्धिजीवियों का मानना है कि किसी भी नागरिक की निजी जिंदगी और शादी का फैसला उसका अपना लोकतांत्रिक अधिकार है, जिस पर इस तरह की हिंसक बयानबाजी पूरी तरह से असंवैधानिक है।

अन्य खबरें