"सुदीप शर्मा भारत के पहले असली शो-रनर": 'कोहरा 2' देख फूट-फूट कर रोए अनुराग कश्यप, बताया 'लेखन का शिखर'

अपनी बेबाक राय और सिनेमाई समझ के लिए मशहूर फिल्मकार अनुराग कश्यप ने नेटफ्लिक्स की हालिया रिलीज वेब सीरीज 'कोहरा सीजन 2' (Kohrra Season 2) की जमकर तारीफ की है। अनुराग ने न केवल इस सीरीज को हाल के समय का सर्वश्रेष्ठ लेखन बताया, बल्कि इसके शो-रनर सुदीप शर्मा को भारतीय ओटीटी स्पेस का 'मसीहा' करार दिया।

12 Feb 2026  |  40

मुंबई: अपनी बेबाक राय और सिनेमाई समझ के लिए मशहूर फिल्मकार अनुराग कश्यप ने नेटफ्लिक्स की हालिया रिलीज वेब सीरीज 'कोहरा सीजन 2' (Kohrra Season 2) की जमकर तारीफ की है। अनुराग ने न केवल इस सीरीज को हाल के समय का सर्वश्रेष्ठ लेखन बताया, बल्कि इसके शो-रनर सुदीप शर्मा को भारतीय ओटीटी स्पेस का 'मसीहा' करार दिया।

"सुदीप शर्मा: भारत के पहले असली शो-रनर"

इंस्टाग्राम पर एक विस्तृत नोट साझा करते हुए अनुराग कश्यप ने सुदीप शर्मा की रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने लिखा:

"सुदीप शर्मा आधिकारिक तौर पर भारत के पहले ऐसे शो-रनर बन गए हैं, जिन्होंने दो महान शो (पाताल लोक और कोहरा) के दूसरे सीजन को पहले से भी बेहतर बनाया है। यहाँ कहानी कहना अपने शिखर पर है; यह पात्रों को सांस लेने का मौका देती है और परतें खोलने में अपना समय लेती है।"

"आखिरी एपिसोड तक मैं रोने लगा था"

अनुराग कश्यप ने इस सीरीज के भावनात्मक प्रभाव के बारे में बात करते हुए स्वीकार किया कि वह इसके क्लाइमेक्स को देखकर खुद को संभाल नहीं पाए।

भावुक कर देने वाली परफॉरमेंस: अनुराग ने मुख्य कलाकार मोना सिंह और बरुण सोबती के अभिनय को 'कैथार्टिक' (भावनाओं को शुद्ध करने वाला) बताया। उन्होंने कहा, "आखिरी एपिसोड तक पहुँचते-पूँछते मैं फूट-फूट कर रोने लगा था।"

किरदारों की गहराई: उनके अनुसार, यह शो केवल एक रहस्य सुलझाने के बारे में नहीं है, बल्कि यह एक पूरे शहर के उन लोगों की मानसिक उथल-पुथल को उजागर करता है जिन्हें वास्तव में थेरेपी की जरूरत है।

निर्देशकों की तारीफ: अनुराग ने इस बात पर भी हैरानी जताई कि इसे दो पहली बार निर्देशन कर रहे फिल्मकारों ने बनाया है।

नेटफ्लिक्स का आभार

अनुराग ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स इंडिया को भी धन्यवाद दिया कि उन्होंने कहानी की मूल भाषा और परिवेश की वास्तविकता (milieu) के साथ कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि क्रिएटिव टीम ने कहानी को उसके स्वाभाविक रूप में 'सांस लेने' की अनुमति दी, जो आज के समय में दुर्लभ है।

'कोहरा 2' की प्रमुख विशेषताएं (अनुराग की नजर से):

कहानी की गति: रहस्य सुलझाने की कोई जल्दबाजी नहीं।

ईमानदारी: जमीन से जुड़ी भाषा और संस्कृति का सही चित्रण।

प्रभाव: एक ऐसी कहानी जो देखने वाले को भीतर तक झकझोर देती है।

सुदीप शर्मा ने इससे पहले 'पाताल लोक' के जरिए अपनी प्रतिभा साबित की थी, लेकिन अनुराग कश्यप की इस नई समीक्षा ने 'कोहरा सीजन 2' को भारतीय डिजिटल कंटेंट की श्रेणी में एक 'मास्टरपीस' के रूप में स्थापित कर दिया है।

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