व्यापार सुगमता की ओर बड़ा कदम: 1 मार्च से लागू होगी EMI योजना, आयातकों को मिलेगी शुल्क भुगतान में छूट

भारत सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए आयात-निर्यात प्रक्रियाओं को और सरल बनाने जा रही है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी ने गुरुवार को घोषणा की कि बहुप्रतीक्षित योग्य निर्माता-आयातक (EMI) योजना 1 मार्च, 2026 से लागू होने की उम्मीद है

12 Feb 2026  |  21

मुंबई: भारत सरकार 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देने के लिए आयात-निर्यात प्रक्रियाओं को और सरल बनाने जा रही है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष विवेक चतुर्वेदी ने गुरुवार को घोषणा की कि बहुप्रतीक्षित योग्य निर्माता-आयातक (EMI) योजना 1 मार्च, 2026 से लागू होने की उम्मीद है।

क्या है EMI योजना और किसे होगा लाभ?

मुंबई में एक प्रेस वार्ता के दौरान चतुर्वेदी ने बताया कि इस योजना का ड्राफ्ट अगले 5-6 दिनों में सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी कर दिया जाएगा।

दो साल का 'प्रीव्यू' पीरियड: यह योजना शुरुआत में दो साल के लिए पेश की जाएगी। यह उन निर्माताओं के लिए एक अवसर होगा जो वर्तमान में 'अधिकृत आर्थिक ऑपरेटर' (AEO) नहीं हैं।

शुल्क आस्थगन (Duty Deferral): बजट 2026-27 के प्रस्तावों के अनुरूप, इस योजना के तहत पात्र आयातकों को सीमा शुल्क भुगतान में देरी (आस्थगन) की सुविधा मिलेगी।

AEO प्रमाणन का मार्ग: इन दो वर्षों के दौरान, कंपनियों को निर्धारित मानदंडों का पालन करना होगा ताकि वे स्थायी रूप से 'टियर 3 AEO' प्रमाणन प्राप्त कर सकें।

तकनीक और विश्वास पर आधारित प्रशासन

CBIC अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि EMI योजना सरकार के 'ट्रस्ट-आधारित प्रशासन' और तकनीक संचालित सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के दृष्टिकोण का हिस्सा है।

AI और मशीन लर्निंग का उपयोग: जोखिम मूल्यांकन और कार्गो स्क्रीनिंग के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग का बड़े पैमाने पर उपयोग किया जा रहा है।

न्यूनतम हस्तक्षेप: नई प्रणाली का उद्देश्य भौतिक निरीक्षण (Physical Inspection) और मानवीय हस्तक्षेप को कम करना है, जिससे डेटा-आधारित त्वरित निर्णय लिए जा सकें।

"हमारा लक्ष्य एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहाँ ईमानदार करदाताओं को न्यूनतम बाधाओं का सामना करना पड़े और व्यापार की गति तेज हो।" — विवेक चतुर्वेदी, अध्यक्ष, CBIC

बजट 2026-27: कारोबारियों के लिए अन्य बड़ी राहतें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट में व्यापारिक योजना (Business Planning) को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:

एडवांस रूलिंग की अवधि बढ़ी: सीमा शुल्क के मामलों में 'एडवांस रूलिंग' (Advance Ruling) की वैधता को मौजूदा 3 वर्ष से बढ़ाकर 5 वर्ष करने का प्रस्ताव है। इससे कारोबारियों को लंबी अवधि के लिए निश्चितता मिलेगी।

अनुपालन को प्रोत्साहन: EMI योजना के माध्यम से निर्माताओं को पूर्ण एईओ (AEO) मान्यता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे वैश्विक व्यापार में उनकी विश्वसनीयता बढ़ेगी।

EMI योजना के लागू होने से भारत के विनिर्माण क्षेत्र को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे वर्किंग कैपिटल (कार्यशील पूंजी) के प्रबंधन में सुधार होगा और बंदरगाहों पर कार्गो की क्लीयरेंस तेजी से हो सकेगी।

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