भारत-फ्रांस संबंधों में नया अध्याय: मुंबई में मोदी-मैक्रों की महामुलाकात, राफेल और AI पर टिकी दुनिया की नजरें

भारत और फ्रांस के बीच प्रगाढ़ होते कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सोमवार आधी रात मुंबई पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए राष्ट्रपति मैक्रों का यह दौरा न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भविष्य की तकनीक और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की अटूट साझेदारी का प्रमाण भी है।

17 Feb 2026  |  49

मुंबई |भारत और फ्रांस के बीच प्रगाढ़ होते कूटनीतिक संबंधों को एक नई ऊंचाई देते हुए फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों अपनी तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर सोमवार आधी रात मुंबई पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत आए राष्ट्रपति मैक्रों का यह दौरा न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भविष्य की तकनीक और रक्षा क्षेत्र में दोनों देशों की अटूट साझेदारी का प्रमाण भी है।

प्रमुख एजेंडा: राफेल डील और भविष्य की तकनीक

आज दोपहर मुंबई के लोक भवन में होने वाली द्विपक्षीय वार्ता में सबकी निगाहें बहुप्रतीक्षित 114 राफेल लड़ाकू विमानों के सौदे पर टिकी हैं। हाल ही में रक्षा मंत्रालय ने इस विशाल खरीद को मंजूरी दी है, जिसकी अनुमानित लागत 3.25 लाख करोड़ रुपये है। यह भारतीय वायु सेना के इतिहास का सबसे बड़ा रक्षा अधिग्रहण होगा।

मेक इन इंडिया पर जोर: इस सौदे की खास बात यह है कि अधिकांश विमानों का निर्माण भारत में ही किया जाएगा।

रणनीतिक विस्तार: चर्चाओं में न केवल रक्षा, बल्कि आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) और उभरते क्षेत्रों में सहयोग पर भी विस्तार से बात होगी।

इनोवेशन और उद्योग को नई दिशा

शाम 5:15 बजे, दोनों नेता संयुक्त रूप से 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026' (India-France Year of Innovation 2026) का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा, एक ऐतिहासिक कदम के रूप में टाटा समूह और एयरबस के संयुक्त उद्यम के तहत कर्नाटक के वेमगल में स्थापित भारत की पहली हेलिकॉप्टर असेंबली लाइन का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उद्घाटन किया जाएगा। यहाँ एयरबस के प्रसिद्ध H125 हेलिकॉप्टर बनाए जाएंगे।

वैश्विक पटल पर भारत का बढ़ता कद

राष्ट्रपति मैक्रों की यह यात्रा भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच जनवरी में हुए ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते के ठीक बाद हो रही है। जानकारों का मानना है कि रूस पर अपनी सैन्य निर्भरता कम करने की भारत की रणनीति में फ्रांस एक भरोसेमंद साथी बनकर उभरा है।

"इस यात्रा के माध्यम से हम भारत के साथ सहयोग को और मजबूत करने और फ्रांस की आर्थिक व व्यापारिक साझेदारी में विविधता लाने के इच्छुक हैं।" — फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय

चर्चा के अन्य मुख्य बिंदु:

AI इम्पैक्ट समिट: राष्ट्रपति मैक्रों 18 और 19 फरवरी को भारत द्वारा आयोजित इस वैश्विक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।

वैश्विक चुनौतियां: दोनों नेता अमेरिकी शुल्क नीतियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव जैसे संवेदनशील वैश्विक मुद्दों पर भी विचार साझा करेंगे।

आर्थिक आंकड़े: वर्तमान में दोनों देशों के बीच वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार लगभग $18 बिलियन (1.50 लाख करोड़ रुपये) है, जिसे और बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

निष्कर्ष: राष्ट्रपति मैक्रों की यह चौथी भारत यात्रा 'नमस्ते' और 'बोनजोर' के मेल से कहीं अधिक है; यह दो लोकतंत्रों के एक साझा और सुरक्षित भविष्य के निर्माण का संकल्प है।

ट्रेंडिंग