ट्रंप के 'गाजा पीस प्लान' को बड़ा झटका: यूरोप के दिग्गज देशों ने मोड़ा मुंह, 60 में से केवल मुट्ठी भर जुटे
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी वैश्विक पहल 'गाजा पीस बोर्ड' को बैठक से ठीक दो दिन पहले एक बड़ी कूटनीतिक विफलता का सामना करना पड़ा है। 19 फरवरी को होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक से यूरोप के लगभग सभी शक्तिशाली देशों ने दूरी बना ली है। ट्रंप ने इस शांति पहल के लिए दुनिया भर के 60 देशों को न्योता भेजा था, लेकिन पश्चिमी शक्तियों की बेरुखी ने इस मंच की प्रासंगिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
17 Feb 2026
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वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की महत्वाकांक्षी वैश्विक पहल 'गाजा पीस बोर्ड' को बैठक से ठीक दो दिन पहले एक बड़ी कूटनीतिक विफलता का सामना करना पड़ा है। 19 फरवरी को होने वाली इस हाई-प्रोफाइल बैठक से यूरोप के लगभग सभी शक्तिशाली देशों ने दूरी बना ली है। ट्रंप ने इस शांति पहल के लिए दुनिया भर के 60 देशों को न्योता भेजा था, लेकिन पश्चिमी शक्तियों की बेरुखी ने इस मंच की प्रासंगिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यूरोप का 'बहिष्कार': न ब्रिटेन आया, न फ्रांस
ट्रंप ने यूरोप के 15 प्रमुख देशों को इस बैठक में शामिल होने का आह्वान किया था, लेकिन नतीजा उम्मीद के उलट रहा:
किनारा करने वाले देश: ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और स्वीडन जैसे बड़े देशों ने बैठक में शामिल होने से साफ़ इनकार कर दिया है।
केवल 3 देश राजी: यूरोप से अब तक केवल हंगरी, बुल्गारिया और कोसोवो ने ही इस बैठक में आने की पुष्टि की है।
पश्चिमी देशों के इस रुख को ट्रंप की विदेश नीति के प्रति एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
एशियाई देशों का रुख: सस्पेंस बरकरार
ट्रंप की नजरें अब एशिया और खाड़ी देशों पर टिकी हैं, लेकिन यहाँ भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है:
सहमति: पाकिस्तान और इंडोनेशिया ने इस बैठक में भाग लेने के सकारात्मक संकेत दिए हैं।
मौन: भारत, चीन और जापान जैसे बड़े देशों ने फिलहाल इस बैठक को लेकर अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी है।
दुविधा: सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रीय खिलाड़ियों ने अभी तक कोई औपचारिक पुष्टि नहीं की है।
क्या है 'बोर्ड ऑफ पीस'?
राष्ट्रपति ट्रंप ने जनवरी 2026 के अंत में इस बोर्ड की घोषणा की थी। उनका दावा है कि:
यह मंच युद्धग्रस्त गाजा के पुनर्निर्माण की निगरानी करेगा।
भविष्य में होने वाले वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक मध्यस्थ के रूप में कार्य करेगा।
विशेष टिप्पणी: गाजा पीस बोर्ड की बैठक शुरू होने में अब महज 48 घंटे शेष हैं। ऐसे में प्रमुख वैश्विक शक्तियों की अनुपस्थिति इस पहल को 'ग्लोबल' से घटाकर 'रीजनल' बनाने की ओर अग्रसर कर रही है।
एक नज़र में स्थिति
| क्षेत्र | कुल आमंत्रित देश | सहमति देने वाले प्रमुख देश | दूरी बनाने वाले प्रमुख देश |
|---|---|---|---|
| यूरोप | 15 | हंगरी, बुल्गारिया, कोसोवो | ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली |
| एशिया | - | पाकिस्तान, इंडोनेशिया | भारत, चीन (अभी कोई जवाब नहीं) |
| खाड़ी | - | - | सऊदी अरब, यूएई (पुष्टि लंबित) |