बंगाल चुनाव 2026: हुमायूं कबीर का बड़ा दांव; ममता-शुभेंदु के खिलाफ उतारेंगे उम्मीदवार, अधीर रंजन को देंगे 'व्यक्तिगत' समर्थन
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' (JUP) के इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि वह सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा दोनों को सत्ता से दूर रखने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे।
17 Feb 2026
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कोलकाता/मुर्शिदाबाद: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निलंबित विधायक हुमायूं कबीर ने अपनी नई पार्टी 'जनता उन्नयन पार्टी' (JUP) के इरादे स्पष्ट कर दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि वह सत्तारूढ़ टीएमसी और भाजपा दोनों को सत्ता से दूर रखने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगे।
अधीर रंजन को समर्थन, कांग्रेस से किनारा
हुमायूं कबीर का सबसे चौंकाने वाला बयान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी को लेकर आया है। कबीर ने कहा:
वे कांग्रेस पार्टी के साथ कोई औपचारिक गठबंधन नहीं करेंगे।
यदि अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर से चुनाव लड़ते हैं, तो उनकी पार्टी उन्हें व्यक्तिगत आधार पर समर्थन देगी।
कबीर ने अधीर रंजन को एक 'महान व्यक्ति' बताते हुए उनके प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
गठबंधन की नई बिसात: ओवैसी के साथ की उम्मीद
कबीर ने वामपंथियों और नौशाद सिद्दीकी की 'इंडियन सेक्युलर फ्रंट' (ISF) के साथ गठबंधन की संभावनाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ISF सीट शेयरिंग के फैसले में देरी कर रही है। हालांकि, उन्हें असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM के साथ गठबंधन होने का पूरा भरोसा है। कबीर की पार्टी 130 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है।
ममता और शुभेंदु को सीधी चुनौती
हुमायूं कबीर ने सीधे तौर पर राज्य के दो सबसे बड़े दिग्गजों को चुनौती देने का ऐलान किया है:
भवानीपुर: मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पारंपरिक गढ़ में JUP अपना उम्मीदवार उतारेगी।
नंदीग्राम: विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ भी कबीर ने प्रत्याशी उतारने की घोषणा की है।
विवाद की जड़: बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति
62 वर्षीय कबीर को पिछले साल दिसंबर में टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था। विवाद तब शुरू हुआ जब उन्होंने मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति (Replica) बनाने का संकल्प लिया और निर्माण कार्य शुरू करने के लिए यात्रा निकाली। कबीर का आरोप है कि ममता सरकार और कुछ अल्पसंख्यक समूहों ने इस निर्माण में बाधाएं उत्पन्न की हैं।
राजनीतिक सफर: हुमायूं कबीर ने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, जिसके बाद वे टीएमसी में शामिल हुए थे। अब अपनी नई पार्टी के जरिए वे बंगाल की राजनीति में 'तीसरा मोर्चा' मजबूत करने की कोशिश में हैं।