अडानी ग्रुप का एआई विजन 2035

अडानी ग्रुप की यह घोषणा भारत को वैश्विक एआई (AI) मानचित्र पर एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। 17 फरवरी, 2026 को इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान साझा किए गए इस रोडमैप के मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:

17 Feb 2026  |  24

अडानी ग्रुप की यह घोषणा भारत को वैश्विक एआई (AI) मानचित्र पर एक प्रमुख शक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। 17 फरवरी, 2026 को इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान साझा किए गए इस रोडमैप के मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:

गौतम अडानी ने इस निवेश को केवल इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि "उभरते राष्ट्र की आत्मा में निवेश" बताया है। इस विशाल परियोजना के प्रमुख स्तंभ इस प्रकार हैं:

1. निवेश का गणित (Investment Breakdown)

सीधा निवेश: अडानी ग्रुप 100 अरब डॉलर (लगभग ₹9.1 लाख करोड़) का निवेश करेगा।

अतिरिक्त प्रभाव: इस पहल से सर्वर मैन्युफैक्चरिंग, क्लाउड प्लेटफॉर्म और सहायक उद्योगों में 150 अरब डॉलर का अतिरिक्त खर्च प्रेरित (Catalyse) होगा।

कुल इकोसिस्टम: अगले एक दशक में भारत में 250 अरब डॉलर का एआई इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम तैयार होने का अनुमान है।

2. ऊर्जा और कंप्यूटिंग का मेल (Energy-Compute Symmetry)

अडानी का विजन "सॉवरेन एआई" (Sovereign AI) पर आधारित है, जहाँ डेटा और प्रोसेसिंग पावर दोनों भारत के पास होंगे:

ग्रीन डेटा सेंटर: ये डेटा सेंटर पूरी तरह से रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) से संचालित होंगे।

क्षमता विस्तार: 'अडानीकॉनेक्स' (AdaniConnex) के मौजूदा 2 GW (गीगावॉट) नेटवर्क को बढ़ाकर 5 GW तक ले जाने का लक्ष्य है।

इंटीग्रेटेड सिस्टम: बिजली उत्पादन, ग्रिड मजबूती और हाई-डेंसिटी प्रोसेसिंग को एक साथ विकसित किया जाएगा।

3. प्रमुख साझेदारियां और लोकेशन्स

अडानी ग्रुप भारत के प्रमुख शहरों में 'गीगावॉट-स्केल' एआई कैंपस बना रहा है:

विशाखापत्तनम: गूगल (Google) के साथ मिलकर देश का सबसे बड़ा एआई डेटा सेंटर कैंपस।

हैदराबाद और पुणे: माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) के साथ रणनीतिक साझेदारी।

नोएडा: एआई इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए नए कैंपस का विकास।

फ्लिपकार्ट (Flipkart): डिजिटल कॉमर्स और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग के लिए विशेष एआई डेटा सेंटर।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कदम?

"दुनिया अब एक 'इंटेलिजेंस रिवोल्यूशन' (Intelligence Revolution) में प्रवेश कर रही है। जो देश ऊर्जा (Energy) और कंप्यूटिंग (Compute) के बीच तालमेल बिठा लेंगे, वे ही अगले दशक की दिशा तय करेंगे।" — गौतम अडानी, चेयरमैन

स्टार्टअप्स को सहारा: डेटा सेंटर्स की क्षमता का एक हिस्सा भारतीय स्टार्टअप्स और रिसर्च संस्थानों के लिए आरक्षित रखा जाएगा।

निर्यात क्षमता: भारत केवल एआई का उपभोक्ता नहीं रहेगा, बल्कि "इंटेलिजेंस" का निर्माता और निर्यातक बनेगा।

स्वदेशी क्लाउड: विदेशी क्लाउड सेवाओं पर निर्भरता कम होगी और डेटा संप्रभुता सुनिश्चित होगी।

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