भारत-फ्रांस संबंधों में नया अध्याय: 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का ऐलान, २१ बड़े समझौतों पर मुहर

भारत और फ्रांस ने अपने दशकों पुराने भरोसे को नई ऊँचाइयों पर ले जाते हुए अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (Especial Global Strategic Partnership) के स्तर पर उन्नत कर दिया है। मंगलवार को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई गहन चर्चा के बाद रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में २१ महत्वपूर्ण परिणामों की घोषणा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने इस साझेदारी को वैश्विक स्थिरता का स्तंभ बताते हुए कहा, "अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों के इस दौर में, हमारी यह भागीदारी विश्व को प्रगति और स्थिरता प्रदान करेगी।"

18 Feb 2026  |  30

मुंबई/नई दिल्ली: भारत और फ्रांस ने अपने दशकों पुराने भरोसे को नई ऊँचाइयों पर ले जाते हुए अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' (Especial Global Strategic Partnership) के स्तर पर उन्नत कर दिया है। मंगलवार को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच हुई गहन चर्चा के बाद रक्षा, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में २१ महत्वपूर्ण परिणामों की घोषणा की गई।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस साझेदारी को वैश्विक स्थिरता का स्तंभ बताते हुए कहा, "अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों के इस दौर में, हमारी यह भागीदारी विश्व को प्रगति और स्थिरता प्रदान करेगी।"

रक्षा क्षेत्र: 'मेक इन इंडिया' को मिली नई उड़ान

रक्षा सहयोग इस बैठक का मुख्य आकर्षण रहा। दोनों नेताओं ने कर्नाटक के वेमागल में H125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का वर्चुअली उद्घाटन किया।

विश्व के लिए निर्माण: यह भारत की पहली निजी क्षेत्र की हेलीकॉप्टर निर्माण इकाई होगी। पीएम मोदी ने गर्व से कहा कि यहाँ बने हेलीकॉप्टर माउंट एवरेस्ट की ऊँचाई तक उड़ान भरने में सक्षम होंगे और इन्हें पूरी दुनिया में निर्यात किया जाएगा।

हैमर मिसाइल (Hammer Missiles): भारत में 'हैमर' मिसाइलों के निर्माण के लिए BEL और फ्रांस की सफरान (Safran) के बीच एक बड़ा संयुक्त उद्यम (Joint Venture) शुरू किया गया है।

सैनिक विनिमय: भारतीय थल सेना और फ्रांसीसी लैंड फोर्सेस के बीच अधिकारियों की पारस्परिक तैनाती पर भी सहमति बनी है।

इनोवेशन और भविष्य की तकनीक

साल २०२६ को 'भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष' (Year of Innovation) के रूप में घोषित किया गया है। इसके तहत तीन प्रमुख संस्थानों की नींव रखी गई:

इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर AI इन हेल्थ: स्वास्थ्य क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए AIIMS, नई दिल्ली में इसकी शुरुआत।

डिजिटल साइंस एंड टेक्नोलॉजी केंद्र: डिजिटल बुनियादी ढांचे और सुरक्षा के लिए।

एयरोनॉटिक्स स्किलिंग सेंटर: विमानन क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिए उत्कृष्टता केंद्र।

प्रमुख आर्थिक और कूटनीतिक फैसले

समझौता / घोषणामुख्य उद्देश्य
वार्षिक विदेश मंत्री संवाद'होराइजन 2047' रोडमैप की प्रगति की नियमित समीक्षा।
DTAA में संशोधनदोहरे कराधान से बचाव (Double Tax Avoidance) के नियमों में बदलाव, जिससे निवेश में आसानी होगी।
क्रिटिकल मिनरल्सदुर्लभ खनिजों और धातुओं की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने के लिए साझा घोषणापत्र।
स्टार्टअप सहयोगटी-हब (T-Hub) और नॉर्ड फ्रांस के बीच स्टार्टअप इकोसिस्टम को लेकर समझौता।

मैक्रों का भारत प्रेम और AI समिट

राष्ट्रपति मैक्रों ने भारत को फ्रांस का सबसे भरोसेमंद साथी बताया। मुंबई में अपनी यात्रा के दौरान उन्होंने मरीन ड्राइव पर 'जॉगिंग' की और २६/११ के शहीदों को श्रद्धांजलि भी दी। बुधवार को वह नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट में भाग लेंगे, जहाँ एआई के भविष्य और इसके सुरक्षित उपयोग पर चर्चा होगी।

निष्कर्ष

यह शिखर सम्मेलन केवल कागजी समझौतों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह 'महासागर की गहराई से लेकर पहाड़ों की चोटी तक' फैली एक ऐसी दोस्ती का प्रतीक है, जो आने वाले दशकों में वैश्विक भू-राजनीति की दिशा तय करेगी।

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