अजीत पवार विमान हादसा: CBI जाँच की मांग को लेकर दिल्ली पहुंचे फडणवीस
विशेष रिपोर्ट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की 28 जनवरी, 2026 को हुई दुखद विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस मामले में अब CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जाँच की मांग तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से दबाव बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं।
18 Feb 2026
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मुंबई/नई दिल्ली | विशेष रिपोर्ट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की 28 जनवरी, 2026 को हुई दुखद विमान दुर्घटना में मृत्यु के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस मामले में अब CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) जाँच की मांग तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की ओर से दबाव बढ़ने के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस आज दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं।
सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में मिला प्रतिनिधिमंडल
मंगलवार को उपमुख्यमंत्री और अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में NCP नेताओं के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। पार्टी ने औपचारिक रूप से एक पत्र सौंपकर मांग की है कि इस संवेदनशील मामले की जाँच राज्य की एजेंसियों के बजाय CBI को सौंपी जाए।
NCP के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मीडिया से कहा, "मुख्यमंत्री ने हमें आश्वासन दिया है कि वह व्यक्तिगत रूप से अमित शाह के सामने हमारी मांग रखेंगे। हमें विश्वास है कि न्याय होगा।"
साधारण दुर्घटना या गहरी साजिश?
NCP द्वारा सौंपे गए पत्र में विमान हादसे को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए गए हैं, जो इसे एक सामान्य दुर्घटना से अलग बताते हैं:
क्रू में अचानक बदलाव: उड़ान से ठीक पहले चालक दल (flight crew) की संरचना में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए गए हैं।
ATC संचार में खामियां: एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) संचार और रनवे क्लीयरेंस सीक्वेंस में विसंगतियां पाई गई हैं।
सुरक्षा प्रणालियों की विफलता: ऑनबोर्ड सुरक्षा चेतावनी प्रणालियों (Safety-warning systems) की अखंडता और उनके काम न करने पर संदेह जताया गया है।
डिस्ट्रेस सिग्नल का अभाव: सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि लैंडिंग के इतने करीब होने के बावजूद विमान से कोई भी संकटकालीन संदेश (Distress communication) रिकॉर्ड नहीं किया गया।
सरकार का पक्ष: पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता
भाजपा के एक वरिष्ठ मंत्री ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "अजीत पवार का निधन एक अपूरणीय क्षति है। सरकार चाहती है कि जाँच पूरी तरह पारदर्शी हो। चूंकि इसमें कई एजेंसियों की भूमिका की जाँच होनी है, इसलिए CBI ही सबसे उपयुक्त विकल्प है।"
"इस घटना की प्रकृति एक साधारण दुर्घटना से परे है। यह विमानन सुरक्षा, नियामक निरीक्षण और संस्थागत जवाबदेही पर जनता के विश्वास का सवाल है।" — NCP द्वारा सौंपा गया मांग पत्र
आगे क्या?
मुख्यमंत्री फडणवीस दिल्ली में गृह मंत्रालय को राज्य सरकार की ओर से CBI जाँच के लिए आवश्यक 'सहमति' (Consent) पत्र सौंप सकते हैं। दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम, 1946 के तहत इस मामले को केंद्रीय एजेंसी को सौंपने की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है।