बठिंडा में किसान-पुलिस टकराव: आंसू गैस के गोले छोड़े, DC दफ्तर के घेराव पर अड़े किसान

पंजाब के बठिंडा में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। पिछले 11 महीनों से जेल में बंद अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर किसान बठिंडा स्थित डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने किसानों को शहर में घुसने से रोकने के लिए भारी बल प्रयोग किया।

18 Feb 2026  |  35

बठिंडा | पंजाब के बठिंडा में बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (एकता उगराहां) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हो गई। पिछले 11 महीनों से जेल में बंद अपने साथियों की रिहाई की मांग को लेकर किसान बठिंडा स्थित डिप्टी कमिश्नर (DC) कार्यालय का घेराव करने जा रहे थे। इस दौरान पुलिस ने किसानों को शहर में घुसने से रोकने के लिए भारी बल प्रयोग किया।

जिउंद गांव बना रणक्षेत्र

जानकारी के अनुसार, किसान नेता और कार्यकर्ता बठिंडा की ओर बढ़ने के लिए जिउंद गांव में एकत्र हुए थे। पुलिस ने गांव को चारों तरफ से घेर लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी झड़प हुई।

आंसू गैस का प्रयोग: किसानों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने बड़ी संख्या में आंसू गैस के गोले दागे।

चोटिल हुए किसान: इस धक्का-मुक्की और झड़प में कुछ किसानों को मामूली चोटें आई हैं।

छावनी में तब्दील हुआ जिला

प्रशासन ने किसानों को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं:

भारी पुलिस बल: सिपाही से लेकर डीआईजी स्तर के एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी बठिंडा की सीमाओं पर तैनात हैं।

नाकाबंदी: बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर रामपुरा के पास भारी बैरिकेडिंग की गई है। शहर के हर चौराहे पर नाके लगाए गए हैं।

छापेमारी: लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने बुधवार तड़के कई किसान नेताओं के घरों पर दबिश दी। हालांकि, जिला अध्यक्ष चरण सिंह नूरपुरा पुलिस को चकमा देकर बठिंडा पहुंचने में सफल रहे।

क्या है किसानों की मांग?

बीकेयू (एकता उगराहां) के जिला अध्यक्ष शिंगारा सिंह मान ने प्रशासन पर 'लोकतंत्र की हत्या' का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा:

"हमारे साथी पिछले 11 महीनों से बिना किसी ठोस आधार के जेलों में बंद हैं। हम शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखना चाहते हैं, लेकिन सरकार और पुलिस लाठियों और आंसू गैस के जरिए हमारी आवाज दबाना चाहती है।"

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 6 फरवरी को भी जेठूके गांव के पास किसानों और पुलिस के बीच ऐसा ही टकराव देखने को मिला था।

वर्तमान स्थिति

फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस किसी भी कीमत पर किसानों को शहर के भीतर प्रवेश नहीं करने देना चाहती, जबकि किसान नेता शिंगारा सिंह मान ने स्पष्ट कर दिया है कि किसान हर हाल में धरना स्थल तक पहुंचेंगे।

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