समुद्री महाकुंभ 'मिलन 2026' का आगाज़: 74 देशों की नौसेनाओं के साथ विशाखापत्तनम में गूंजा एकजुटता का शंखनाद

नीले समंदर की लहरों पर आज दुनिया भर की नौसैनिक शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारतीय नौसेना के बहुपक्षीय अभ्यास 'मिलन 2026' के 13वें संस्करण का भव्य उद्घाटन करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने इसे मात्र एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि एक 'समुद्री महाकुंभ' करार दिया। इस अवसर पर उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति को विशेष रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी भारत सरकार की समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

19 Feb 2026  |  21

विशाखापत्तनम: नीले समंदर की लहरों पर आज दुनिया भर की नौसैनिक शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। भारतीय नौसेना के बहुपक्षीय अभ्यास 'मिलन 2026' के 13वें संस्करण का भव्य उद्घाटन करते हुए नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी ने इसे मात्र एक सैन्य अभ्यास नहीं, बल्कि एक 'समुद्री महाकुंभ' करार दिया।

इस अवसर पर उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति को विशेष रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी मौजूदगी भारत सरकार की समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

MAHASAGAR विजन: सुरक्षा और विकास का नया मंत्र

नौसेना प्रमुख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) विजन पर जोर दिया। पिछले वर्ष मॉरीशस में पेश किया गया यह दृष्टिकोण क्षेत्रीय सुरक्षा और साझा विकास को बढ़ावा देने के लिए एक मील का पत्थर है।

भारतीय नौसेना की त्रिस्तरीय रणनीति

एडमिरल त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि भारतीय नौसेना वर्तमान में तीन मुख्य स्तरों पर सक्रिय है:

वैश्विक जुड़ाव: कानून व्यवस्था, मानवीय सहायता और पर्यावरण संरक्षण को वैश्विक पटल पर जोड़ना।

क्षेत्रीय फोकस: विशिष्ट क्षेत्रों की सामरिक जरूरतों के अनुसार कस्टमाइज्ड रणनीतियां तैयार करना।

नेबरहुड फर्स्ट: पड़ोसी देशों के साथ संयुक्त गश्त और राहत कार्यों में निरंतर सहयोग।

"आज की समुद्री चुनौतियां जटिल और अंतरराष्ट्रीय हैं, जिनका समाधान केवल 'सहयोग और साझेदारी' से ही संभव है।" — एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी

'मिलन 2026': इतिहास का सबसे बड़ा संस्करण

1995 में मात्र कुछ देशों के साथ शुरू हुआ 'मिलन' आज अपने सबसे विशाल स्वरूप में है। इस वर्ष की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं:

विवरणसांख्यिकी/महत्व
प्रतिभागी देश74 राष्ट्रों की नौसेनाएं
संस्करण13वां (अब तक का सबसे बड़ा)
मुख्य उद्देश्यसुरक्षित, संरक्षित और खुला समुद्री क्षेत्र
प्रमुख गतिविधियांसंयुक्त युद्धाभ्यास, पेशेवर चर्चाएं और सांस्कृतिक आदान-प्रदान

आगामी कार्यक्रम और भविष्य की राह

आने वाले दिनों में विशाखापत्तनम का तट जटिल समुद्री अभ्यासों और उच्च स्तरीय रणनीतिक विमर्श का गवाह बनेगा। नौसेना प्रमुख ने इस सफल आयोजन के लिए पूर्वी नौसैनिक कमान, आंध्र प्रदेश सरकार और विशाखापत्तनम प्रशासन की सराहना की। उन्होंने विश्वास जताया कि 'मिलन 2026' सुरक्षित और खुले समुद्र की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।

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