एपस्टीन फाइल्स का महाविस्फोट: ब्रिटिश शाही परिवार के पूर्व प्रिंस एंड्रयू गिरफ्तार, 'राजदूत' पद के दुरुपयोग का आरोप

दुनिया के सबसे चर्चित यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के काले कारनामों की फाइलें खुलने के बाद ब्रिटेन के राजघराने में अब तक का सबसे बड़ा भूचाल आया है। किंग चार्ल्स III के छोटे भाई और पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर को गुरुवार (19 फरवरी 2026) सुबह यूके पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई ब्रिटिश इतिहास में किसी पूर्व शाही सदस्य के खिलाफ की गई अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाई मानी जा रही है।

19 Feb 2026  |  21

लंदन/नई दिल्ली: दुनिया के सबसे चर्चित यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के काले कारनामों की फाइलें खुलने के बाद ब्रिटेन के राजघराने में अब तक का सबसे बड़ा भूचाल आया है। किंग चार्ल्स III के छोटे भाई और पूर्व प्रिंस एंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर को गुरुवार (19 फरवरी 2026) सुबह यूके पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

यह कार्रवाई ब्रिटिश इतिहास में किसी पूर्व शाही सदस्य के खिलाफ की गई अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाई मानी जा रही है।

सैंड्रिंघम एस्टेट से हुई गिरफ्तारी

बीबीसी और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, थेम्स वैली पुलिस के सादे कपड़ों में आए अधिकारियों ने साठ वर्ष से अधिक उम्र के एक व्यक्ति (एंड्रयू) को नॉरफ़ॉक स्थित 'सैंड्रिंघम एस्टेट' के वुड फार्म से हिरासत में लिया। पुलिस ने बताया कि यह गिरफ्तारी "पब्लिक ऑफिस में कदाचार" (Misconduct in Public Office) के संदेह में की गई है।

गिरफ्तारी का मुख्य आधार: 'ट्रेड रिपोर्ट' लीक करने का आरोप

प्रिंस एंड्रयू की गिरफ्तारी के पीछे एपस्टीन फाइल्स से निकले कुछ चौंकाने वाले दस्तावेज हैं:

गोपनीय जानकारी साझा करना: आरोप है कि साल 2010 में जब एंड्रयू ब्रिटेन के अंतरराष्ट्रीय व्यापार दूत (Trade Envoy) थे, तब उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया की आधिकारिक यात्राओं की गोपनीय 'ट्रेड रिपोर्ट' जेफ्री एपस्टीन को भेजी थी।

पद का दुरुपयोग: पुलिस उन रिपोर्टों की जांच कर रही है जिसमें दावा किया गया है कि एंड्रयू ने अपने सार्वजनिक पद का इस्तेमाल एपस्टीन जैसे अपराधी को संवेदनशील डेटा पहुंचाने के लिए किया।

आजीवन कारावास का प्रावधान: ब्रिटिश कानून के तहत 'सार्वजनिक कार्यालय में कदाचार' एक गंभीर अपराध है, जिसमें दोषी पाए जाने पर अधिकतम उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।

जन्मदिन पर ही मिली जेल की कोठरी

विडंबना यह है कि एंड्रयू की गिरफ्तारी उनके 66वें जन्मदिन (19 फरवरी) के दिन ही हुई है। सुबह करीब 8 बजे जब पुलिस की छह बिना निशान वाली गाड़ियां उनके आवास पर पहुंचीं, तब वे वहीं मौजूद थे। वर्तमान में उन्हें पुलिस कस्टडी में रखा गया है और बर्कशायर व नॉरफ़ॉक में उनके ठिकानों की तलाशी ली जा रही है।

शाही परिवार से बढ़ती दूरियां

एपस्टीन विवाद के बाद किंग चार्ल्स ने पिछले साल ही अपने भाई एंड्रयू से 'प्रिंस' की उपाधि और अन्य शाही अधिकार छीन लिए थे। राजघराने ने खुद को इस विवाद से दूर रखने की पूरी कोशिश की है, लेकिन इस गिरफ्तारी ने शाही परिवार की छवि पर एक गहरा दाग लगा दिया है।

घटनाक्रम की मुख्य बातेंविवरण
आरोपीएंड्रयू माउंटबैटन-विंडसर (पूर्व प्रिंस एंड्रयू)
जांच एजेंसीथेम्स वैली पुलिस (Thames Valley Police)
मुख्य आरोपगोपनीय व्यापारिक रिपोर्ट एपस्टीन को लीक करना
ताजा स्थितिपुलिस हिरासत में, जांच जारी

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