"राजनीति मेरे बस की बात नहीं": खेसारी लाल यादव ने किया संन्यास का एलान, कहा— 'वहाँ झूठ बोलना पड़ता है'
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव (शत्रुघ्न यादव) ने राजनीति से 'तौबा' कर ली है। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने के बाद, अब खेसारी ने साफ कर दिया है कि वह भविष्य में चुनाव नहीं लड़ेंगे और केवल एक कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाए रखेंगे। राजनीति छोड़ने के अपने फैसले पर खेसारी ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में टिके रहने के लिए झूठ बोलना और जनता को बेवकूफ बनाना पड़ता है, जो उनके स्वभाव के विपरीत है।
19 Feb 2026
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पटना: भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के दिग्गज अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव (शत्रुघ्न यादव) ने राजनीति से 'तौबा' कर ली है। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने के बाद, अब खेसारी ने साफ कर दिया है कि वह भविष्य में चुनाव नहीं लड़ेंगे और केवल एक कलाकार के रूप में अपनी पहचान बनाए रखेंगे।
राजनीति छोड़ने के अपने फैसले पर खेसारी ने बेहद बेबाकी से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राजनीति में टिके रहने के लिए झूठ बोलना और जनता को बेवकूफ बनाना पड़ता है, जो उनके स्वभाव के विपरीत है।
"कलाकार के रूप में ही खुश हूँ"
खेसारी लाल यादव ने अपने बयान में राजनीतिक व्यवस्था पर कटाक्ष करते हुए कहा:
"राजनीति मेरे बस की बात नहीं है। वहाँ सच बोलना मुश्किल हो जाता है। जो कोई सच बोलता है, वह राजनीति में आगे नहीं बढ़ सकता। अगर आपको झूठे वादे करना आता है और दुनिया को बेवकूफ बनाना आता है, तभी आप राजनीति में आएं। मैं एक कलाकार हूँ और सच बोलने में यकीन रखता हूँ।"
छपरा की पिच पर 'हिट' नहीं हुई खेसारी की 'फिल्म'
खेसारी लाल यादव का राजनीतिक सफर संक्षिप्त और चुनौतियों भरा रहा:
राजद में प्रवेश: अक्टूबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वे राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में शामिल हुए थे।
छपरा से उम्मीदवारी: राजद ने उनकी अपार लोकप्रियता को भुनाने के लिए उन्हें भाजपा के गढ़ माने जाने वाले छपरा विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी बनाया था।
चुनावी परिणाम: खेसारी लाल को भाजपा की उम्मीदवार छोटी कुमारी ने 7,600 से अधिक मतों के अंतर से शिकस्त दी।
छपरा: भाजपा का अभेद्य किला छपरा सीट पर पिछले चार चुनावों (2010, 2015, 2020 और 2025) से भाजपा का कब्जा रहा है। खेसारी की हार के बाद ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि वे फिल्मी दुनिया में वापस लौटेंगे।
हार और निराशा की वजह
जनवरी में अपनी और पार्टी की हार पर टिप्पणी करते हुए खेसारी ने कहा था कि हार के कारण पूरा बिहार जानता है। उन्होंने राजनीतिक माहौल में व्याप्त "दिखावे" को अपनी निराशा का मुख्य कारण बताया। अब उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि वह एक 'पब्लिक फिगर' तो बने रहेंगे, लेकिन 'पब्लिक सर्वेंट' (नेता) बनने की रेस से बाहर हैं।