बंगाल चुनाव से पहले भाजपा विधायक विष्णु प्रसाद शर्मा 'घासफूल' में शामिल, पहाड़ पर बदला समीकरण

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मुहाने पर खड़ी राज्य की राजनीति में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। दार्जिलिंग जिले की कर्सियांग सीट से भाजपा विधायक विष्णु प्रसाद शर्मा गुरुवार को आधिकारिक तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गए। कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

19 Feb 2026  |  18

कोलकाता/कर्सियांग: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मुहाने पर खड़ी राज्य की राजनीति में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। दार्जिलिंग जिले की कर्सियांग सीट से भाजपा विधायक विष्णु प्रसाद शर्मा गुरुवार को आधिकारिक तौर पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हो गए। कोलकाता स्थित तृणमूल भवन में राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

क्यों नाराज थे विष्णु प्रसाद शर्मा?

विष्णु प्रसाद शर्मा पिछले काफी समय से अपनी ही पार्टी (भाजपा) के खिलाफ बागी तेवर अपनाए हुए थे। उनकी नाराजगी की मुख्य वजहें निम्नलिखित रहीं:

दार्जिलिंग सांसद का विरोध: वह दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट को दोबारा उम्मीदवार बनाए जाने के सख्त खिलाफ थे। उनका तर्क था कि पार्टी को किसी 'भूमिपुत्र' (स्थानीय नेता) को मौका देना चाहिए, न कि 'बाहरी' उम्मीदवार को।

2024 में निर्दलीय चुनाव: नाराजगी इतनी बढ़ गई थी कि उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था।

गोरखालैंड का मुद्दा: अलग 'गोरखालैंड' राज्य की मांग के कट्टर समर्थक शर्मा का आरोप है कि भाजपा ने पहाड़ की जनता से किए गए वादों को पूरा नहीं किया और केवल 'जुमला' राजनीति की है।

TMC में शामिल होने पर क्या बोले शर्मा?

ममता बनर्जी की नेतृत्व वाली पार्टी में शामिल होने के बाद शर्मा ने कहा:

"मैं अब एक आजाद परिंदा हूँ। मैंने भाजपा छोड़ी क्योंकि वे गोरखाओं के लिए कुछ नहीं करेंगे। आज के दौर में केवल ममता बनर्जी ही देश की राजनीति में साहस के साथ खड़ी हैं। मैंने टिकट के लिए नहीं, बल्कि पहाड़ के विकास और सिद्धांतों की राजनीति के लिए यह फैसला लिया है।"

भाजपा की प्रतिक्रिया

विधायक के पाला बदलने पर भाजपा ने तल्ख टिप्पणी की है। विधानसभा में भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने कहा कि विष्णु प्रसाद शर्मा का अपने क्षेत्र में कोई आधार नहीं बचा था और वह लंबे समय से पार्टी के संपर्क से बाहर थे। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2024 के चुनाव में उन्हें अपनी ही सीट पर भाजपा से कम वोट मिले थे।

उत्तर बंगाल में TMC को मिली संजीवनी

विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले एक महत्वपूर्ण गोरखा चेहरे का साथ आना तृणमूल कांग्रेस के लिए उत्तर बंगाल, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में बड़ी जीत माना जा रहा है। इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री जॉन बारला जैसे कद्दावर नेता भी भाजपा छोड़ चुके हैं, जो दर्शाता है कि उत्तर बंगाल में भाजपा के 'गढ़' में दरारें पड़ रही हैं।

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