AI और सप्लाई चेन के नए वैश्विक युग में भारत : अमेरिका के 'पैक्स सिलिका' में हुआ शामिल

भारत ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर 'पैक्स सिलिका' (Pax Silica) में शामिल होकर वैश्विक आर्थिक और तकनीकी सुरक्षा के मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। अमेरिका के इस फ्लैगशिप पहल का हिस्सा बनकर भारत अब उन चुनिंदा 'भरोसेमंद साझेदारों' (Trusted Partners) की श्रेणी में आ गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्य की सप्लाई चेन की रूपरेखा तय करेंगे।

20 Feb 2026  |  20

नई दिल्ली: भारत ने शुक्रवार को आधिकारिक तौर पर 'पैक्स सिलिका' (Pax Silica) में शामिल होकर वैश्विक आर्थिक और तकनीकी सुरक्षा के मंच पर अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। अमेरिका के इस फ्लैगशिप पहल का हिस्सा बनकर भारत अब उन चुनिंदा 'भरोसेमंद साझेदारों' (Trusted Partners) की श्रेणी में आ गया है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और भविष्य की सप्लाई चेन की रूपरेखा तय करेंगे।

क्या है 'पैक्स सिलिका' और क्यों है यह खास?

नई दिल्ली में आयोजित 'ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के इतर भारत ने इस ऐतिहासिक घोषणा पर हस्ताक्षर किए। 'पैक्स सिलिका' अमेरिकी विदेश विभाग की एक प्रमुख पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य मित्र देशों के बीच एक नया 'आर्थिक सुरक्षा आम सहमति' (Economic Security Consensus) विकसित करना है।

सप्लाई चेन सुरक्षा: घोषणापत्र इस बात पर जोर देता है कि आपसी आर्थिक सुरक्षा के लिए एक विश्वसनीय सप्लाई चेन अनिवार्य है।

परिवर्तनकारी AI: यह AI को दीर्घकालिक समृद्धि के लिए एक क्रांतिकारी शक्ति के रूप में मान्यता देता है।

सुरक्षा का मंत्र: भरोसेमंद प्रणालियों (Trustworthy Systems) को आपसी सुरक्षा और समृद्धि की रक्षा के लिए आवश्यक माना गया है।

शक्तिशाली देशों का गठबंधन

भारत के साथ इस घोषणापत्र के अन्य हस्ताक्षरकर्ताओं में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूएई और ब्रिटेन जैसे प्रभावशाली देश शामिल हैं। इसके अलावा, कनाडा, नीदरलैंड, यूरोपीय संघ, ओईसीडी और ताइवान जैसे गैर-हस्ताक्षरकर्ता प्रतिभागी भी इस विजन का समर्थन कर रहे हैं।

"हम अपने नागरिकों की पारस्परिक समृद्धि, तकनीकी प्रगति और आर्थिक सुरक्षा को आगे बढ़ाने के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।" — अमेरिकी विदेश विभाग

'न्यू दिल्ली फ्रंटियर एआई कमिटमेंट्स' का भी आगाज़

'पैक्स सिलिका' में शामिल होने के साथ ही, भारत सरकार ने 'न्यू दिल्ली फ्रंटियर एआई कमिटमेंट्स' की भी घोषणा की है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे समिट का एक महत्वपूर्ण परिणाम बताया।

साझा स्वैच्छिक ढांचा: दुनिया की अग्रणी फ्रंटियर एआई कंपनियों और भारतीय एआई स्टार्टअप्स ने मिलकर समावेशी एआई विकास के लिए प्रतिबद्धता जताई है।

समावेशी विकास: अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह वैश्विक और भारतीय कंपनियों का एक साझा मंच है जो AI के सुरक्षित और समान वितरण को सुनिश्चित करेगा।

विशेषज्ञों की राय

रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 'पैक्स सिलिका' में भारत का शामिल होना चीन जैसी चुनौतियों के बीच एक वैकल्पिक और सुरक्षित सप्लाई चेन बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे न केवल भारत में विदेशी निवेश बढ़ेगा, बल्कि सेमीकंडक्टर और एआई जैसे क्षेत्रों में भारत की वैश्विक हिस्सेदारी भी सुनिश्चित होगी।

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