AI क्रांति का भारतीय चेहरा: नेटवेब टेक्नोलॉजीज ने 8 महीने में पैसा किया तीन गुना, निवेशक गदगद
वैश्विक बाजार में एनवीडिया (NVIDIA) और गूगल जैसे दिग्गजों के बीच भारत की एक स्मॉलकैप कंपनी, नेटवेब टेक्नोलॉजीज, खामोशी से देश की एआई महत्वाकांक्षाओं का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरी है। 'इंडिया एआई मिशन' (IndiaAI Mission) के बूते इस शेयर ने महज 8 महीनों में निवेशकों की संपत्ति को तीन गुना कर दिया है, जिससे यह दलाल स्ट्रीट का नया 'मल्टीबैगर' बन गया है।
20 Feb 2026
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मुंबई/दिल्ली | वैश्विक बाजार में एनवीडिया (NVIDIA) और गूगल जैसे दिग्गजों के बीच भारत की एक स्मॉलकैप कंपनी, नेटवेब टेक्नोलॉजीज, खामोशी से देश की एआई महत्वाकांक्षाओं का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरी है। 'इंडिया एआई मिशन' (IndiaAI Mission) के बूते इस शेयर ने महज 8 महीनों में निवेशकों की संपत्ति को तीन गुना कर दिया है, जिससे यह दलाल स्ट्रीट का नया 'मल्टीबैगर' बन गया है।
सिर्फ असेंबलिंग नहीं, स्वदेशी हार्डवेयर की ताकत
ज्यादातर भारतीय आईटी कंपनियां सॉफ्टवेयर और क्लाइंट सर्विस पर निर्भर हैं, लेकिन नेटवेब का बिजनेस मॉडल हाई-परफॉरमेंस कंप्यूटिंग (HPC) और स्वदेशी हार्डवेयर पर आधारित है।
पूर्ण नियंत्रण: डेल या एचपी के विपरीत, नेटवेब अपने मदरबोर्ड, सर्वर और सॉफ्टवेयर स्टैक खुद डिजाइन करती है।
टाइरोन (Tyrone) ब्रांड: कंपनी के अपने ब्रांड 'टाइरोन' के तहत बिकने वाले सिस्टम्स का राजस्व में योगदान लगातार बढ़ रहा है।
'ऐरावत' से 'कैमारो स्पार्क' तक: सुपरकंप्यूटिंग का सफर
नेटवेब ने भारत के सुपरकंप्यूटिंग सफर में कई मील के पत्थर स्थापित किए हैं:
भारत का गौरव: दुनिया के टॉप 500 सुपरकंप्यूटर की लिस्ट में भारत का सबसे तेज सिस्टम ‘ऐरावत’ (75वीं रैंक) नेटवेब ने ही विकसित किया है।
नया इनोवेशन: हाल ही में कंपनी ने ‘टाइरोन कैमारो स्पार्क’ पेश किया है, जिसे दुनिया का सबसे छोटा एआई सुपरकंप्यूटर कहा जा रहा है। इसमें एनवीडिया के अत्याधुनिक चिप लगे हैं, जो इसे पोर्टेबल और बेहद शक्तिशाली बनाते हैं।
वित्तीय प्रदर्शन: एआई से बंपर कमाई
कंपनी के राजस्व मॉडल में एक क्रांतिकारी बदलाव आया है। वित्त वर्ष 2024 में एआई सिस्टम से होने वाली कमाई महज 11% थी, जो Q3 FY26 में उछलकर 64.2% पर पहुंच गई है।
नेटवेब का 'ग्रोथ चार्ट' (Q3 FY26 के आँकड़े): | पैरामीटर | प्रदर्शन (YoY) | | :--- | :--- | | राजस्व (Revenue) | ₹804.9 करोड़ (141% वृद्धि) | | शुद्ध लाभ (PAT) | ₹73.3 करोड़ (146.7% वृद्धि) | | ऑर्डर बुक | ₹4,200 करोड़ से अधिक की पाइपलाइन | | कर्ज की स्थिति | पूरी तरह से कर्जमुक्त (Zero Net Debt) |
इंडिया एआई मिशन: भविष्य की राह
भारत सरकार के ₹10,371 करोड़ के 'इंडिया एआई मिशन' का नेटवेब को सीधा लाभ मिल रहा है। कंपनी ने हाल ही में ₹1,734 करोड़ का एक बड़ा रणनीतिक ऑर्डर हासिल किया है, जो देश के 'सॉवरेन एआई' (Sovereign AI) इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए महत्वपूर्ण है।
निवेशकों के लिए सलाह: सावधानी और अवसर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि नेटवेब 'मेक इन इंडिया' और 'एआई' थीम का सबसे मजबूत संगम है। हालांकि, मौजूदा समय में इसका P/E अनुपात 100 के ऊपर पहुँच चुका है, जो इसे वैल्यूएशन के लिहाज से काफी महंगा बनाता है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का नज़रिया: नए निवेशकों को एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय 'बाय ऑन डिप्स' (गिरावट पर खरीदारी) की रणनीति अपनानी चाहिए। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह शेयर एआई इंफ्रास्ट्रक्चर की ग्रोथ का एक शानदार विकल्प बना हुआ है।