लखनऊ में समय से पहले 'तपिश' का अलर्ट: पारा 30 डिग्री के पार, रबी फसलों पर मंडराया संकट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में मौसम के मिजाज ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार को दोपहर की तीखी धूप ने लोगों को न केवल परेशान किया, बल्कि पारे को 30.3°C के पार पहुंचा दिया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी की रफ्तार और तेज होगी।
21 Feb 2026
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लखनऊ | आंचलिक ब्यूरो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और आसपास के जिलों में मौसम के मिजाज ने अचानक करवट ले ली है। शुक्रवार को दोपहर की तीखी धूप ने लोगों को न केवल परेशान किया, बल्कि पारे को 30.3°C के पार पहुंचा दिया। यह इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया है। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो आने वाले दिनों में गर्मी की रफ्तार और तेज होगी।
मौसम अपडेट: पछुआ हवाओं का प्रवेश आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, राजधानी में पछुआ हवाओं का प्रवेश हो चुका है। हालांकि शनिवार रात तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है, लेकिन इसके बाद दिन और रात दोनों के तापमान में क्रमिक वृद्धि होने के स्पष्ट संकेत हैं।
किसानों की बढ़ी चिंता: फसलों पर 'गर्मी की मार' तापमान में अचानक हुई इस बढ़ोतरी ने कृषि विशेषज्ञों और किसानों के माथे पर बल डाल दिया है। मार्च का महीना किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।
प्रमुख फसलों पर संभावित प्रभाव: * गेहूं: गर्मी के कारण गेहूं के दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाएंगे (Shrivelling), जिससे पैदावार में गिरावट आ सकती है।
सरसों, चना और मटर: गर्म हवाएं इन फसलों की गुणवत्ता और वजन को नुकसान पहुंचा सकती हैं।
सिंचाई का खर्च: मिट्टी जल्दी सूखने के कारण किसानों को बार-बार सिंचाई करनी पड़ेगी, जिससे खेती की लागत बढ़ेगी।
सांख्यिकीय सारांश: एक नजर में
विशेषज्ञों की सलाह कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि बढ़ता तापमान रबी फसलों के लिए 'हीट स्ट्रेस' (ताप तनाव) पैदा कर रहा है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे खेतों में हल्की नमी बनाए रखें ताकि मिट्टी का तापमान नियंत्रित रहे और फसलों को सूखने से बचाया जा सके।
मौसम विभाग की चेतावनी: आने वाले दिनों में धूप की तपिश और बढ़ेगी। फरवरी के अंत तक गर्मी अपने सामान्य स्तर से ऊपर जा सकती है।