सावधान! बैंक में जमा है 5 लाख से ज्यादा रकम? जानें 'DICGC' का यह नियम, वरना डूब सकता है आपका गाढ़ा पैसा
अक्सर हम अपनी जमापूँजी की सुरक्षा के लिए बैंकों पर भरोसा करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैंक में जमा आपकी पूरी रकम सुरक्षित नहीं होती? यदि आपके पास 5 लाख रुपये या उससे अधिक की राशि है, तो उसे एक ही बैंक में रखना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों और DICGC (डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन) के नियमों के अनुसार, निवेश को अलग-अलग बैंकों में बांटना ही समझदारी है।
21 Feb 2026
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नई दिल्ली | अक्सर हम अपनी जमापूँजी की सुरक्षा के लिए बैंकों पर भरोसा करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बैंक में जमा आपकी पूरी रकम सुरक्षित नहीं होती? यदि आपके पास 5 लाख रुपये या उससे अधिक की राशि है, तो उसे एक ही बैंक में रखना जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों और DICGC (डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन) के नियमों के अनुसार, निवेश को अलग-अलग बैंकों में बांटना ही समझदारी है।
क्या है 5 लाख रुपये वाला 'सुरक्षा कवच'?
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी DICGC, बैंक जमाकर्ताओं को बीमा कवर प्रदान करती है।
बीमा सीमा: यदि कोई बैंक दिवालिया होता है या उस पर प्रतिबंध लगता है, तो DICGC हर ग्राहक को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की राशि वापस दिलाने की गारंटी देता है।
क्या-क्या शामिल है: इस 5 लाख की सीमा में आपकी मूल राशि (Principal) और ब्याज (Interest) दोनों शामिल हैं।
खातों के प्रकार: यह कवर सेविंग अकाउंट, करंट अकाउंट, FD और RD, सभी पर समान रूप से लागू होता है।
महत्वपूर्ण तथ्य: 4 फरवरी 2020 से पहले यह सुरक्षा सीमा केवल 1 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर अब 5 लाख रुपये कर दिया गया है।
एक ही बैंक में पूरा पैसा रखने का जोखिम (उदाहरण)
मान लीजिए आपने एक ही बैंक में 5 लाख रुपये की FD की। मैच्योरिटी पर ब्याज मिलाकर यह राशि 5.20 लाख रुपये हो गई। दुर्भाग्यवश, यदि वह बैंक विफल हो जाता है, तो DICGC के नियम के अनुसार आपको केवल 5 लाख रुपये ही मिलेंगे। शेष 20,000 रुपये डूब सकते हैं।
स्मार्ट समाधान: रकम को बांटें (Splitting Strategy)
यदि आप इसी 5 लाख रुपये को दो अलग-अलग बैंकों में 2.5-2.5 लाख रुपये करके जमा करते हैं, तो आपको दोनों बैंकों में अलग-अलग 5-5 लाख रुपये तक का कवर मिलता है। इस तरह आपकी पूरी राशि (ब्याज सहित) पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
निवेशकों के लिए काम की बातें
| विषय | विवरण |
|---|---|
| बैंक का चयन | सरकारी, निजी या स्मॉल फाइनेंस बैंक—नियम सब पर समान लागू होता है। |
| कुल बैलेंस | एक ही बैंक में आपके सभी खातों का कुल बैलेंस 5 लाख से ऊपर होने पर बीमा सिर्फ 5 लाख का ही मिलेगा। |
| कहाँ लागू नहीं | यह कवर शेयर, म्यूचुअल फंड या बॉन्ड्स पर लागू नहीं होता। |
| चेक लिस्ट | पैसा जमा करने से पहले सुनिश्चित करें कि बैंक DICGC का सदस्य है। |
निष्कर्ष: समझदारी ही सुरक्षा है
चाहे आप बच्चों की पढ़ाई के लिए बचत कर रहे हों या रिटायरमेंट के लिए, 'एक ही टोकरी में सारे अंडे न रखें' वाली कहावत यहाँ सटीक बैठती है। ज्यादा ब्याज के लालच में या बड़े बैंक के भरोसे में अपनी सुरक्षा सीमा को न भूलें। निवेश को अलग-अलग संस्थानों में फैलाना (Diversification) ही आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का सबसे आसान तरीका है।