सेमीकंडक्टर क्रांति की ओर बढ़ते कदम: ग्रेटर नोएडा में उत्तर भारत के पहले OSAT संयंत्र का शिलान्यास

उत्तर प्रदेश भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड (HCL ग्रुप और फॉक्सकॉन का संयुक्त उद्यम) के सेमीकंडक्टर OSAT संयंत्र का भव्य शिलान्यास हुआ।

21 Feb 2026  |  19

नोएडा | उत्तर प्रदेश भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। ग्रेटर नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड (HCL ग्रुप और फॉक्सकॉन का संयुक्त उद्यम) के सेमीकंडक्टर OSAT संयंत्र का भव्य शिलान्यास हुआ।

यह परियोजना उत्तर भारत की पहली ऐसी प्रमुख सेमीकंडक्टर इकाई है, जो क्षेत्र की औद्योगिक पहचान को पूरी तरह बदल देगी।

प्रधानमंत्री का विजन और भव्य आयोजन

इस ऐतिहासिक अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम स्थल पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद की गरिमामयी उपस्थिति रही।

परियोजना के मुख्य आकर्षण:

कुल निवेश: लगभग ₹3,706 करोड़।

साझेदारी: HCL ग्रुप और फॉक्सकॉन का संयुक्त उद्यम।

महत्व: भारत की 'आत्मनिर्भरता' और वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में बड़ी भूमिका।

"अपराध के अंधेरे से चिप की चमक तक" – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिस जेवर और यीडा क्षेत्र में कभी कानून-व्यवस्था बदहाल थी, आज वह दुनिया के लिए इन्वेस्टमेंट का ड्रीम डेस्टिनेशन बन चुका है।

"21वीं सदी की अर्थव्यवस्था 'चिप-बेस्ड' दुनिया पर निर्भर है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब 'स्पीड और स्केल' के साथ आगे बढ़ रहा है। पिछली सरकारों में यहाँ सूर्यास्त के बाद लोग निकलने से डरते थे, लेकिन आज यह इलाका मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स हब के तौर पर चमक रहा है।"

योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री (उत्तर प्रदेश)

विकास की नई रफ़्तार

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के जरिए उत्तर प्रदेश की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ी है। एआई (AI) समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक तकनीक का केंद्र बनने के लिए तैयार है।

यह संयंत्र न केवल हज़ारों रोज़गार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि उत्तर प्रदेश को देश की $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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