होली पर 'वोकल फॉर लोकल' का डंका: देशभर में 80 हजार करोड़ के कारोबार का अनुमान, चीनी सामान का बाजार से सफाया
रंगों का त्योहार होली इस बार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खुशियों के नए रंग लेकर आया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल देश भर के बाजारों में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बंपर कारोबार की उम्मीद है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 25% की शानदार वृद्धि है।
22 Feb 2026
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नई दिल्ली: रंगों का त्योहार होली इस बार भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए खुशियों के नए रंग लेकर आया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, इस साल देश भर के बाजारों में 80 हजार करोड़ रुपये से अधिक के बंपर कारोबार की उम्मीद है। यह पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 25% की शानदार वृद्धि है।
चीनी सामान पस्त, स्वदेशी उत्पाद मस्त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान का असर इस बार बाजारों में साफ दिखाई दे रहा है। एक समय भारतीय बाजारों पर कब्जा जमाने वाली चीनी पिचकारियां और खिलौने अब गायब हैं।
स्वदेशी दबदबा: बाजार में अब पूरी तरह से भारत में निर्मित हर्बल गुलाल, चंदन, प्राकृतिक रंग और पूजन सामग्री का बोलबाला है।
स्थानीय कारीगरों को लाभ: देसी कारीगरों द्वारा तैयार पिचकारियां और गुब्बारे हाथों-हाथ बिक रहे हैं, जिससे छोटे व्यापारियों और कुटीर उद्योगों की चांदी हो गई है।
हर्बल रंगों और पारंपरिक परिधानों की धूम
ग्राहक अब रसायनों वाले पक्के रंगों के बजाय अपनी सेहत को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे हर्बल रंगों की मांग में भारी इजाफा हुआ है।
फैशन का रंग: सफेद टी-शर्ट, 'हैप्पी होली' प्रिंटेड कुर्ते और पारंपरिक परिधानों की जमकर खरीदारी हो रही है।
बच्चों की पसंद: स्पाइडर-मैन और छोटा भीम जैसे किरदारों वाली स्वदेशी पिचकारियां बच्चों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
दिल्ली बनी व्यापार का गढ़: 15 हजार करोड़ की बिक्री का लक्ष्य
CAIT के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल के मुताबिक, अकेले राजधानी दिल्ली में 15 हजार करोड़ रुपये के व्यापार का अनुमान है।
"चांदनी चौक से लेकर सदर बाजार तक, हर तरफ ग्राहकों की भारी भीड़ है। मिठाई की दुकानों पर पारंपरिक गुजिया और ड्राई फ्रूट्स के पैकेटों की मांग आसमान छू रही है।"
सर्विस सेक्टर में भी उछाल: बुक हुए बैंक्वेट और फार्महाउस
होली केवल खरीदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक मेलजोल ने सर्विस सेक्टर को भी पंख लगा दिए हैं।
होली मिलन समारोह: अकेले दिल्ली में 3,000 से अधिक समारोह आयोजित हो रहे हैं।
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर: फार्महाउस, बैंक्वेट हॉल और रेस्टोरेंट्स पूरी तरह बुक हो चुके हैं।
तिथि: बता दें कि 3 मार्च को होलिका दहन होगा और 4 मार्च को धुलेंडी (रंगों की होली) मनाई जाएगी।