खेती में एआई का शंखनाद: मुंबई में 'AI4Agri 2026' का आयोजन, अब 'एग्री परम' और 'महा-विस्तार' बदलेंगे किसानों की किस्मत

भारत में अगली कृषि क्रांति की नींव रख दी गई है और इसका सारथी होगा 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता' (AI)। मुंबई में आयोजित 'एआई4एग्री 2026' (AI4Agri 2026) सम्मेलन में विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने स्पष्ट किया कि एआई अब केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खेतों में किसानों का सबसे बड़ा मददगार बनने के लिए तैयार है।

23 Feb 2026  |  23

मुंबई। भारत में अगली कृषि क्रांति की नींव रख दी गई है और इसका सारथी होगा 'कृत्रिम बुद्धिमत्ता' (AI)। मुंबई में आयोजित 'एआई4एग्री 2026' (AI4Agri 2026) सम्मेलन में विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने स्पष्ट किया कि एआई अब केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खेतों में किसानों का सबसे बड़ा मददगार बनने के लिए तैयार है।

एआई: कृषि क्रांति की आधारशिला

सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि आने वाला समय एआई द्वारा संचालित कृषि क्रांति का है। उन्होंने इसे कृषि नीति, अनुसंधान और निवेश रणनीतियों की 'आधारशिला' करार दिया।

गरीबी उन्मूलन का जरिया: मंत्री सिंह ने कहा कि यदि ग्लोबल साउथ के 6 करोड़ किसानों की उत्पादकता में मात्र 10 प्रतिशत की वृद्धि होती है, तो यह इस सदी का सबसे बड़ा गरीबी उन्मूलन अभियान साबित होगा।

इंडिया एआई मिशन: इन पहलों को 10,372 करोड़ रुपये के 'इंडिया एआई मिशन' से जोड़ा जाएगा, जो स्टार्टअप्स और डेटासेट के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करेगा।

'एग्री परम': 22 भाषाओं में किसानों का डिजिटल साथी

सरकार ने 'भारतजेन' के तहत 'एग्री परम' (Agri Param) नामक एक विशेष भाषा मॉडल (LLM) विकसित किया है।

यह मॉडल 22 भारतीय भाषाओं में काम करता है।

यह किसानों को उनकी अपनी मातृभाषा में फसल परामर्श और विशेषज्ञों की सलाह प्रदान करने में सक्षम है।

महाराष्ट्र की पहल: 500 करोड़ का बजट और 'भीली' भाषा में ऐप

महाराष्ट्र इस दिशा में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। राज्य सरकार ने अपनी एआई-आधारित कृषि नीति (2025-2029) के लिए 500 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।

महा एग्री-एक्स (Maha Agri-X): यह एक एआई आधारित वॉयस टेलीफोन ऐप है जो फसलों के रोगों और कीटों को पहचानने में मदद करता है। खास बात यह है कि यह महाराष्ट्र की भीली आदिवासी भाषा में भी उपलब्ध है।

महा-विस्तार एआई (Maha-Vistar AI): मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि इस ऐप का उपयोग 30 लाख से अधिक किसान कर चुके हैं। यह मंच मौसम, कीट प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक ही जगह उपलब्ध कराता है।

भविष्य की तैयारी: स्मार्ट और डिजिटल खेती

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अनुसार, राज्य का लक्ष्य विश्वविद्यालयों और उद्योगों को जोड़कर एक ऐसा डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है जहाँ किसान सीधे तकनीक से लाभान्वित हो सकें। एआई की मदद से अब अनियमित मौसम और बाजार की अनिश्चितताओं जैसी चुनौतियों का समाधान आसान हो जाएगा।

"एआई कोई समस्या नहीं, बल्कि एक ऐसा समाधान है जो खेती के जटिल कामों को सरल बनाता है।" — जितेंद्र सिंह, केंद्रीय मंत्री

ट्रेंडिंग