मालेगांव में संग्राम: किरीट सोमैया के दौरे पर आमने-सामने BJP और महापौर, 'डंडे-चप्पल' से विरोध का ऐलान
भाजपा नेता किरीट सोमैया के कल (24 फरवरी) होने वाले मालेगांव दौरे ने शहर की सियासत में उबाल ला दिया है। SIT (विशेष जांच समिति) का अध्यक्ष बनने के बाद सोमैया का यह पहला दौरा है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नवनिर्वाचित महापौर नसरीन बानो शेख और उपमहापौर शान-ए-हिंद ने सोमैया के आगमन पर कड़े विरोध की चेतावनी दी है।
23 Feb 2026
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मालेगांव। भाजपा नेता किरीट सोमैया के कल (24 फरवरी) होने वाले मालेगांव दौरे ने शहर की सियासत में उबाल ला दिया है। SIT (विशेष जांच समिति) का अध्यक्ष बनने के बाद सोमैया का यह पहला दौरा है, लेकिन स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। नवनिर्वाचित महापौर नसरीन बानो शेख और उपमहापौर शान-ए-हिंद ने सोमैया के आगमन पर कड़े विरोध की चेतावनी दी है।
विरोध की वजह: 'बदनामी' और 'प्रोटोकॉल' का सवाल
महापौर नसरीन शेख ने किरीट सोमैया पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सोमैया ने जन्म प्रमाणपत्र प्रकरण के बहाने मालेगांव की छवि को वैश्विक स्तर पर धूमिल किया है।
चेतावनी: महापौर ने ऐलान किया है कि सभी नगरसेवक एकजुट होकर सोमैया का रास्ता रोकेंगे। उन्होंने सांकेतिक रूप से 'हाथ में डंडा और पैर में चप्पल' पहनकर विरोध जताने की बात कही है।
नगर निगम में नो-एंट्री: महापौर ने साफ किया कि सोमैया को नगर निगम (मनपा) परिसर में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने कहा, "अब शहर में प्रशासक राज नहीं, बल्कि जनता का राज है।"
सोमैया का एजेंडा: अवैध घुसपैठ और SIT जांच
दूसरी ओर, किरीट सोमैया का यह दौरा सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है:
अवैध बांग्लादेशी: सोमैया मालेगांव पुलिस के साथ बैठक कर अवैध बांग्लादेशियों के खिलाफ अब तक हुई कार्रवाई की समीक्षा करेंगे।
SIT की भूमिका: SIT अध्यक्ष के रूप में वह जन्म प्रमाणपत्र घोटाले और उसमें हुई गिरफ्तारियों की प्रगति का जायजा लेंगे।
SIT रिपोर्ट और 'टारगेट' करने के आरोप
महापौर ने SIT की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि:
इस प्रकरण में अब तक 1044 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन SIT की अंतिम रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई?
उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरी जांच के जरिए एक विशेष समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है।
अधिकारियों को चेतावनी: महापौर ने सरकारी अधिकारियों को भी हिदायत दी है कि कोई भी जानकारी या डेटा प्रोटोकॉल के उल्लंघन में न दिया जाए, अन्यथा उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन अलर्ट मोड पर
दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए मालेगांव पुलिस और स्थानीय प्रशासन 'हाई अलर्ट' पर है। शहर के संवेदनशील इलाकों और नगर निगम कार्यालय के बाहर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।