मॉस्को में आत्मघाती विस्फोट: युद्ध की चौथी बरसी पर दहली रूसी राजधानी, पुलिसकर्मी और हमलावर की मौत

: रूस-यूक्रेन युद्ध की चौथी बरसी के दिन रूस की राजधानी मॉस्को एक भीषण आत्मघाती हमले से दहल उठी। मंगलवार तड़के हुए इस विस्फोट में एक पुलिस अधिकारी और स्वयं हमलावर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूरा देश यूक्रेन में जारी 'विशेष सैन्य अभियान' के चार साल पूरे होने पर चर्चा कर रहा है।

24 Feb 2026  |  23

मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध की चौथी बरसी के दिन रूस की राजधानी मॉस्को एक भीषण आत्मघाती हमले से दहल उठी। मंगलवार तड़के हुए इस विस्फोट में एक पुलिस अधिकारी और स्वयं हमलावर की मौत हो गई, जबकि दो अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूरा देश यूक्रेन में जारी 'विशेष सैन्य अभियान' के चार साल पूरे होने पर चर्चा कर रहा है।

साव्योलोव्स्की स्टेशन के पास आधी रात को धमाका

रूस के आंतरिक मामलों के मंत्रालय के अनुसार, यह घटना मंगलवार मध्यरात्रि के कुछ ही मिनटों बाद हुई। मॉस्को के मध्य में स्थित साव्योलोव्स्की रेलवे स्टेशन के पास एक ट्रैफिक पुलिस का वाहन गश्त (पेट्रोलिंग) पर था। इसी दौरान एक अज्ञात हमलावर ने वाहन के करीब पहुंचकर खुद को विस्फोटक डिवाइस से उड़ा लिया।

हताहत: विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि एक पुलिसकर्मी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घायल: दो अन्य पुलिसकर्मियों को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

युद्ध की चौथी बरसी और खूनी आंकड़े

यह हमला 24 फरवरी को यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की चौथी वर्षगांठ के ठीक बाद हुआ है। 24 फरवरी 2022 को शुरू हुई यह जंग आज एक विनाशकारी मोड़ पर खड़ी है:

कैजुअल्टी का अनुमान: रिपोर्टों के अनुसार, चार साल की इस जंग में रूस को लगभग 12 लाख (मृत व घायल) और यूक्रेन को 5-6 लाख सैनिकों व नागरिकों का नुकसान उठाना पड़ा है।

क्षेत्रीय स्थिति: रूस ने वर्तमान में यूक्रेन के लगभग 18-20 प्रतिशत हिस्से (पूर्वी और दक्षिणी क्षेत्र) पर कब्जा जमाया हुआ है, लेकिन पिछले दो वर्षों से मोर्चे पर कोई बड़ी प्रगति नहीं देखी गई है।

रूसी जांच समिति ने हमले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। हालांकि अभी तक हमलावर की पहचान या उसके किसी संगठन से जुड़े होने की पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन युद्ध की बरसी पर हुए इस हमले को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी साजिश के तौर पर देख रही हैं।

निष्कर्ष: अनिश्चितता के साये में रूस

शुरुआत में जिस सैन्य कार्रवाई को कुछ दिनों का खेल समझा जा रहा था, उसने अब चार साल पूरे कर लिए हैं। मॉस्को के सुरक्षित माने जाने वाले इलाकों में इस तरह के आत्मघाती हमले सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। यह घटना दिखाती है कि सीमा पर जारी युद्ध की तपिश अब रूस के आंतरिक शहरों तक पहुंचने लगी है।

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