राहुल गांधी का भोपाल में 'रणघोष': "डेटा और किसान दोनों अमेरिका को बेचे", चीन मुद्दे पर भी सरकार को घेरा
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित 'किसान महा-चौपाल' में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal), चीन सीमा विवाद और कॉर्पोरेट संबंधों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि पीएम ने "दबाव में आकर देश के किसानों का भविष्य बेच दिया है।"
24 Feb 2026
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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित 'किसान महा-चौपाल' में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते (Trade Deal), चीन सीमा विवाद और कॉर्पोरेट संबंधों को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि पीएम ने "दबाव में आकर देश के किसानों का भविष्य बेच दिया है।"
"ट्रंप की टैरिफ वॉर और मोदी की चुप्पी"
राहुल गांधी ने इंडिया-यूएस ट्रेड डील पर बड़ा दावा करते हुए कहा कि अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ पर रोक लगा दी है। उन्होंने पीएम मोदी को चुनौती देते हुए कहा, "अब अगर मोदी जी में हिम्मत है, तो वे इस किसान विरोधी ट्रेड डील को तुरंत रद्द करके दिखाएं।" उन्होंने आरोप लगाया कि 4 महीने से यह डील कृषि मुद्दों पर रुकी थी, लेकिन पीएम ने अचानक बिना कैबिनेट की सलाह लिए ट्रंप को फोन कर सहमति दे दी।
जनरल नरवणे की किताब का जिक्र और 'चीन घुसपैठ' पर सवाल
राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की किताब का हवाला देते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए:
अकेला छोड़ा गया: राहुल ने कहा कि जब चीन के टैंक भारतीय सीमा में घुस रहे थे, तब आर्मी चीफ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजीत डोभाल और एस. जयशंकर को फोन किया, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया।
पीएम की गैर-मौजूदगी: राहुल का दावा है कि जब सेना को आदेश देने का समय आया, तब प्रधानमंत्री 'गायब' थे और अंत में आर्मी चीफ को खुद के विवेक पर फैसला लेने को कह दिया गया।
संसद में सेंसरशिप: नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने संसद में यह मुद्दा उठाना चाहा, तो उन्हें बोलने नहीं दिया गया।
राहुल गांधी के भाषण के 3 बड़े वार:
| मुद्दा | राहुल गांधी का आरोप |
|---|---|
| अमेरिका ट्रेड डील | पीएम ने 'एपस्टीन फाइल्स' और अडानी केस के दबाव में आकर डेटा और कृषि बाजार अमेरिका को सौंप दिया। |
| कॉर्पोरेट सांठगांठ | अडानी पर अमेरिका में क्रिमिनल केस है। अडानी, बीजेपी और मोदी का 'फाइनेंशियल स्ट्रक्चर' हैं, इसलिए सरकार डरी हुई है। |
| संसदीय लोकतंत्र | इतिहास में पहली बार नेता प्रतिपक्ष को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बोलने से रोका गया। |
"किसानों को क्यों बेचा?"
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जो समझौता सोया, कपास और मक्का के किसानों के हितों की रक्षा के लिए 4 महीने से रुका था, उसे एक रात में क्यों मान लिया गया? उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या पीएम ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस बारे में राय ली? राहुल ने आरोप लगाया कि अमेरिका के पास मौजूद कुछ 'फाइलों' और 'सबूतों' के डर से भारत की संप्रभुता और किसानों के हितों से समझौता किया गया है।
अडानी और अमेरिकी केस का कनेक्शन
अडानी समूह पर अमेरिका में चल रहे कानूनी मामले का जिक्र करते हुए राहुल ने कहा कि यह केवल एक बिजनेसमैन का मामला नहीं है। यह पूरा ढांचा बीजेपी और नरेंद्र मोदी से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि हरदीप पुरी का नाम रिलीज होना केवल एक ट्रेलर था, असली मकसद सरकार को झुकाकर अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत के रास्ते खोलना था।
निष्कर्ष: भोपाल की इस महा-चौपाल से राहुल गांधी ने आगामी चुनावों और राष्ट्रीय राजनीति के लिए 'किसान और राष्ट्रवाद' के मुद्दे को एक साथ जोड़कर सरकार के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोल दिया है।