लखनऊ हत्याकांड: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा, बेटे ने किए थे पिता के शव के कई टुकड़े
उत्तर प्रदेश की राजधानी के आशियाना इलाके में हुए चर्चित शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने न केवल अपने पिता की हत्या की, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव को क्षत-विक्षत करने की भी क्रूर कोशिश की।
25 Feb 2026
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी के आशियाना इलाके में हुए चर्चित शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह हत्याकांड में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने रोंगटे खड़े कर देने वाले खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने न केवल अपने पिता की हत्या की, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव को क्षत-विक्षत करने की भी क्रूर कोशिश की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुख्य बिंदु
डॉक्टरों के पैनल द्वारा की गई पोस्टमार्टम जांच में निम्नलिखित तथ्य सामने आए हैं:
शव के टुकड़े: आरोपी ने शव के चार टुकड़े कर दिए थे।
विफल कोशिश: अक्षत ने पेट और पीठ को भी काटकर अलग करने का प्रयास किया (करीब 8-8 इंच गहरे घाव), लेकिन रीढ़ की हड्डी सख्त होने के कारण वह इसमें सफल नहीं हो सका।
क्रूरता: हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए आरोपी ने आरी और दो चाकुओं का इस्तेमाल किया था।
अपराध को छिपाने के लिए रची 'साजिश'
21 वर्षीय अक्षत ने पुलिस और परिजनों को गुमराह करने के लिए किसी शातिर अपराधी की तरह योजना बनाई थी:
व्हाट्सएप ग्रुप का नाटक: उसने 'पापा लौट आओ' नाम से एक ग्रुप बनाया और दोस्तों के सामने पिता की तलाश का ढोंग करता रहा।
दुर्गंध मिटाने के उपाय: घर में शव से उठने वाली बदबू को दबाने के लिए वह लगातार रूम फ्रेशनर का छिड़काव करता रहा।
पेंट से मिटाए निशान: दीवार पर लगे खून के छीटों को छिपाने के लिए उसने बाजार से पेंट खरीदा और खुद ही दीवार को रंग दिया।
कैसे खुला राज?
पुलिस के अनुसार, अक्षत शव के धड़ को एक नीले ड्रम में भरकर कार से ठिकाने लगाने जा रहा था। तभी घर पर मुनीम के आ जाने से वह घबरा गया और धड़ को ठिकाने नहीं लगा सका। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर लाइसेंसी राइफल, आरी और चाकू बरामद कर लिए हैं।
बहन को दी जान से मारने की धमकी
घटना के समय अक्षत की छोटी बहन कृति घर में ही थी। उसने पिता की हत्या होते देखी, लेकिन अक्षत ने उसे जान से मारने की धमकी देकर चार दिनों तक घर में ही कैद रखा। कृति फिलहाल गहरे सदमे में है और पुलिस उससे पूछताछ करने की स्थिति का इंतजार कर रही है।
हत्या की वजह पर सस्पेंस
शुरुआती जांच में नीट (NEET) परीक्षा का दबाव हत्या का कारण बताया गया था, लेकिन अक्षत के दोस्तों और पुलिस की गहन छानबीन में कुछ अन्य पहलुओं पर भी शक जताया जा रहा है। मानवेंद्र अपने बेटे को 27 हजार रुपये वेतन देकर अपनी पैथोलॉजी का काम सिखा रहे थे, ताकि वह भविष्य संभाल सके।
अगला कदम: पुलिस ने सीन रिक्रिएट कर लिया है और साक्ष्य जुटा लिए हैं। बुधवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा, जबकि आरोपी अक्षत को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।