भोपाल में 'धर्मांतरण और यौन शोषण' के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़: दो बहनें चला रही थीं खौफनाक नेटवर्क
मध्य प्रदेश की राजधानी में मानवता को शर्मसार करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क को बेनकाब किया है, जहाँ 'अमरीन' और 'आफरीन' नाम की दो बहनें कथित तौर पर गरीब और बेसहारा महिलाओं को नौकरी का लालच देकर उन्हें धर्मांतरण और यौन शोषण के जाल में फंसाती थीं। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।
25 Feb 2026
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भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी में मानवता को शर्मसार करने वाले एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है। पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क को बेनकाब किया है, जहाँ 'अमरीन' और 'आफरीन' नाम की दो बहनें कथित तौर पर गरीब और बेसहारा महिलाओं को नौकरी का लालच देकर उन्हें धर्मांतरण और यौन शोषण के जाल में फंसाती थीं। पुलिस ने इस मामले में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की हैं।
नौकरी का झांसा, फिर नशीली चाय और ब्लैकमेलिंग
मामले की भयावहता तब सामने आई जब एक विधवा महिला ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई। पीड़िता के अनुसार:
जाल बिछाना: वर्ष 2023 में एक मॉल में अमरीन ने उसे 10,000 रुपये की नौकरी का झांसा दिया।
साजिश: पीड़िता को घर बुलाकर चाय में नशीला पदार्थ पिलाया गया, जिसके बाद उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
ब्लैकमेलिंग: आरोपियों ने घटना का वीडियो बना लिया और उसे वायरल करने की धमकी देकर लगातार शोषण किया।
धर्मांतरण का दबाव: पीड़िता पर नमाज पढ़ने, बुर्का पहनने और धर्म परिवर्तन करने के लिए मानसिक दबाव बनाया गया।
संगठित गिरोह और मुख्य आरोपी
जांच में पता चला है कि यह केवल एक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित गिरोह है। एक अन्य युवती ने भी इसी तरह के गैंगरेप और शोषण की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब तक निम्नलिखित आरोपियों पर कार्रवाई कर चुकी है:
| आरोपी का नाम | स्थिति |
|---|---|
| अमरीन खान (उर्फ माहिरा) | गिरफ्तार (पुलिस रिमांड पर) |
| आफरीन | गिरफ्तार |
| चंदन यादव | गिरफ्तार (पुलिस रिमांड पर) |
| यासिर, बिलाल और चानू | फरार (तलाश जारी) |
कॉलोनी में सामान्य रहने का स्वांग
सागर रॉयल विला में रहने वाली इन बहनों की गतिविधियां बाहरी दुनिया के लिए बिल्कुल सामान्य थीं। वे फ्लैट में रहती थीं और किसी को भनक तक नहीं लगने देती थीं कि भीतर इतना बड़ा अपराध तंत्र फल-फूल रहा है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि अन्य संभावित पीड़िताओं का पता लगाया जा सके।
पुलिस की कार्रवाई और धाराएं
बाग सेवनिया थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म (Rape), धमकी, और मप्र धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम (धर्मांतरण विरोधी कानून) के तहत मामला दर्ज किया है।
"यह एक संगठित नेटवर्क प्रतीत होता है। हम फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगा चुके हैं और डिजिटल साक्ष्यों के जरिए पूरे सिंडिकेट की गहराई तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं।"
— पुलिस आधिकारिक बयान