AI का तूफान: 5 साल पुराने स्टार्टअप 'एंथ्रोपिक' ने भारतीय IT दिग्गजों को पछाड़ा, 380 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन से दुनिया दंग
वैश्विक तकनीकी जगत में एक बड़ा 'पावर शिफ्ट' देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप एंथ्रोपिक (Anthropic) ने अपनी वैल्यूएशन के मामले में भारत की दशकों पुरानी दिग्गज IT कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। मात्र पांच साल पुरानी इस कंपनी की नेटवर्थ अब 380 बिलियन डॉलर (लगभग 34 लाख करोड़ रुपये) पहुँच गई है, जो भारत की टॉप IT कंपनियों के सम्मिलित मार्केट कैप से भी कहीं अधिक है।
25 Feb 2026
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नई दिल्ली/न्यूयॉर्क | वैश्विक तकनीकी जगत में एक बड़ा 'पावर शिफ्ट' देखने को मिल रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्टार्टअप एंथ्रोपिक (Anthropic) ने अपनी वैल्यूएशन के मामले में भारत की दशकों पुरानी दिग्गज IT कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। मात्र पांच साल पुरानी इस कंपनी की नेटवर्थ अब 380 बिलियन डॉलर (लगभग 34 लाख करोड़ रुपये) पहुँच गई है, जो भारत की टॉप IT कंपनियों के सम्मिलित मार्केट कैप से भी कहीं अधिक है।
TCS और Infosys से कहीं आगे निकला एंथ्रोपिक
भारत की IT रीढ़ मानी जाने वाली कंपनियों—TCS, Infosys, Wipro, HCL Tech और Tech Mahindra का कुल मार्केट कैप लगभग 240 बिलियन डॉलर (21.64 लाख करोड़ रुपये) है। इसकी तुलना में अकेले एंथ्रोपिक की 380 बिलियन डॉलर की वैल्यूएशन निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों को हैरान कर रही है।
फंडिंग का धमाका: फरवरी 2026 में अपने नवीनतम फंडिंग राउंड में एंथ्रोपिक ने 30 बिलियन डॉलर जुटाए, जिसके बाद इसकी वैल्यू रातों-रात दोगुनी से अधिक हो गई। गूगल और अमेजन जैसी दिग्गज कंपनियों का समर्थन इसे और मजबूती दे रहा है।
भारतीय IT सेक्टर पर 'फरवरी का प्रहार'
AI के बढ़ते प्रभाव और एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों की सफलता का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा है। फरवरी महीने में निफ्टी IT इंडेक्स में 21% की भारी गिरावट दर्ज की गई। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद यह भारतीय IT सेक्टर की सबसे बड़ी मासिक गिरावट है।
क्यों है एंथ्रोपिक इतनी शक्तिशाली?
एंथ्रोपिक केवल एक चैटबॉट कंपनी नहीं है, बल्कि यह AI सेफ्टी और कोडिंग पर केंद्रित है। इसके कुछ प्रमुख हथियार जो पारंपरिक IT सेवाओं के लिए खतरा बन रहे हैं:
Claude Code: यह कोडिंग-फोकस्ड मॉडल डेवलपर्स के बीच बेहद लोकप्रिय हो रहा है। इसका अकेले का रन-रेट रेवेन्यू 2.5 बिलियन डॉलर के पार है।
ऑटोमेशन की ताकत: कंपनी का नया AI टूल कॉन्ट्रैक्ट चेकिंग, NDA मैनेजमेंट और लीगल ड्राफ्टिंग जैसे जटिल काम खुद कर सकता है।
बिजनेस रन-रेट: कंपनी का कुल रन-रेट रेवेन्यू 14 बिलियन डॉलर तक पहुँचने का दावा है।
पारंपरिक IT मॉडल के लिए खतरे की घंटी?
बाजार में सबसे बड़ी चिंता यह है कि यदि AI सॉफ़्टवेयर और सर्विसेज को इतनी तेजी से ऑटोमेट करता है, तो भारत की पारंपरिक IT कंपनियों के 'मैनपावर-बेस्ड' बिजनेस मॉडल (जहाँ काम के घंटों के आधार पर कमाई होती है) पर गहरा संकट आ सकता है। मुनाफे और प्रतिस्पर्धा में बने रहने के लिए अब इन कंपनियों को AI के साथ तालमेल बिठाना अनिवार्य हो गया है।
तुलनात्मक चार्ट: एक नजर में
| विशेषता | एंथ्रोपिक (Anthropic) | भारतीय टॉप-5 IT कंपनियां (TCS, आदि) |
|---|---|---|
| स्थापना | 2021 (मात्र 5 साल) | कई दशक पुरानी |
| मार्केट वैल्यू | ~$380 बिलियन | ~$240 बिलियन (सम्मिलित) |
| मुख्य फोकस | AI सुरक्षा और कोडिंग ऑटोमेशन | सॉफ्टवेयर सर्विसेज और मेंटेनेंस |
| बाजार की स्थिति | तेजी से उभरता 'यूनिकॉर्न' | भारी दबाव और मंदी का सामना |