ग्लैमर की दुनिया से युद्ध के मैदान तक: जेलेंस्की के चेहरे पर उकेरी यूक्रेन के संघर्ष की दास्तां, अब ट्रंप का दबाव

कभी अपनी मुस्कान और हाजिरजवाबी से लाखों दिलों को जीतने वाले टीवी स्टार वलोडिमिर जेलेंस्की आज दुनिया के सबसे गंभीर और थके हुए राजनेता के रूप में नजर आ रहे हैं। साल 2019 में जब उन्होंने 73% वोटों के साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि एक हास्य अभिनेता का सामना सदी के सबसे भीषण युद्ध से होगा। आज, युद्ध के चौथे वर्ष में, जेलेंस्की न केवल रूस से बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बढ़ते दबाव से भी जूझ रहे हैं।

25 Feb 2026  |  7

कीव/वाशिंगटन | कभी अपनी मुस्कान और हाजिरजवाबी से लाखों दिलों को जीतने वाले टीवी स्टार वलोडिमिर जेलेंस्की आज दुनिया के सबसे गंभीर और थके हुए राजनेता के रूप में नजर आ रहे हैं। साल 2019 में जब उन्होंने 73% वोटों के साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी, तब शायद किसी ने नहीं सोचा था कि एक हास्य अभिनेता का सामना सदी के सबसे भीषण युद्ध से होगा। आज, युद्ध के चौथे वर्ष में, जेलेंस्की न केवल रूस से बल्कि अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के बढ़ते दबाव से भी जूझ रहे हैं।

चेहरे का वह ऐतिहासिक बदलाव

2019 के जेलेंस्की और 2026 के जेलेंस्की के बीच का अंतर केवल उम्र का नहीं, बल्कि त्रासदी का है।

तब: एक क्लीन-शेवन, करिश्माई युवा नेता जो 'क्वारताल 95' कॉमेडी मंडली के साथ देश भर में घूमकर लोगों को हंसाता था।

अब: चेहरे पर गहरी लकीरें, बढ़ी हुई दाढ़ी और हमेशा पहने रहने वाले जैतून के रंग के सैन्य कपड़े। विशेषज्ञों का कहना है कि जेलेंस्की का यह लुक उनके सैनिकों और नागरिकों के साथ एकजुटता का प्रतीक है।

पुतिन बनाम जेलेंस्की: दो अलग दुनिया

युद्ध ने जहाँ जेलेंस्की को बदल दिया, वहीं रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हाव-भाव में कोई खास बदलाव नहीं आया है।

"जहाँ जेलेंस्की बंकरों और युद्ध के मोर्चों से वीडियो संदेश जारी करते हैं, वहीं पुतिन क्रेमलिन के विशाल हॉलों और लंबी मेजों के पीछे से सत्ता का प्रदर्शन करते हैं। पुतिन का स्थिर चेहरा 'सामान्य स्थिति' (Normalcy) दिखाने की कोशिश है, जबकि जेलेंस्की का चेहरा युद्ध की कड़वी हकीकत बयां करता है।"

ट्रंप का दबाव और 'शांति समझौता'

वर्तमान स्थिति यूक्रेन के लिए और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से कीव पर लगातार दबाव बढ़ रहा है कि वह रूस के साथ शांति समझौता करे। इस समझौते की सबसे बड़ी शर्त यूक्रेनी क्षेत्र का रूस को समर्पण (Cession of territory) करना है।

जेलेंस्की ने बार-बार स्पष्ट किया है कि अपनी जमीन का टुकड़ा देना उनके लिए सवाल से बाहर है, लेकिन यूक्रेन के भीतर और बाहर बढ़ती 'थकान' (Fatigue) चिंता का विषय है।

चुनौतियों भरा चौथा साल

ऊर्जा संकट: रूस के मिसाइल और ड्रोन हमलों ने यूक्रेन के ऊर्जा ढांचे को तबाह कर दिया है। यूक्रेन के नागरिक बिना हीटिंग और बिजली के कड़ाके की सर्दी काटने को मजबूर हैं।

सैन्य थकान: वर्षों के भारी नुकसान के बाद नेतृत्व और जनता, दोनों में थकान के लक्षण दिखने लगे हैं।

बंकर से संबोधन: हाल ही में अपनी बंकर ऑफिस से जारी संदेश में जेलेंस्की ने उन शुरुआती दिनों को याद किया जब उन्हें देश छोड़ने की सलाह दी गई थी, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया था।

जेलेंस्की का सफर: एक नजर में

वर्षभूमिकाछवि
2019राष्ट्रपति (चुने गए)क्लीन-शेवन, मजाकिया, 'आउटसाइडर'
2022युद्धकालीन नेताबंकर से रिपोर्टिंग, टी-शर्ट और दाढ़ी
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