'विदेशी जासूसों के घेरे में थी कांग्रेस सरकार': बीजेपी का 'मित्रोखिन आर्काइव' के जरिए तीखा हमला, राहुल को बताया विदेशी ताकतों का 'पपेट'

अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब 'जासूसी कांड' और 'विदेशी फंडिंग' के गंभीर आरोपों तक पहुँच गई है। बीजेपी ने कांग्रेस के 'कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम' (Compromised PM) के नारे का जवाब ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देकर दिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया है कि कांग्रेस का इतिहास विदेशी ताकतों के प्रभाव में राष्ट्रहित से समझौता करने का रहा है।

25 Feb 2026  |  6

नई दिल्ली | अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग अब 'जासूसी कांड' और 'विदेशी फंडिंग' के गंभीर आरोपों तक पहुँच गई है। बीजेपी ने कांग्रेस के 'कॉम्प्रोमाइज्ड पीएम' (Compromised PM) के नारे का जवाब ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देकर दिया है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया है कि कांग्रेस का इतिहास विदेशी ताकतों के प्रभाव में राष्ट्रहित से समझौता करने का रहा है।

मित्रोखिन आर्काइव: केजीबी (KGB) और सूटकेस की कहानी

बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने 'मित्रोखिन आर्काइव' (Mitrokhin Archives) का हवाला देते हुए सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 1930 से 1980 के बीच कांग्रेस सरकारें विदेशी जासूसों से घिरी रहती थीं।

कैश से भरे सूटकेस: त्रिवेदी ने दावा किया कि केजीबी (सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी) के नकदी से भरे सूटकेस सीधे प्रधानमंत्री आवास पहुँचाए जाते थे।

सांसदों की खरीद-फरोख्त: आरोप लगाया गया कि उस समय के लगभग 40% कांग्रेस सांसद सोवियत पेरोल पर थे और विरोधियों को कुचलने के लिए विदेशी सोने का इस्तेमाल किया गया।

अर्थव्यवस्था से खिलवाड़: बीजेपी ने कहा कि 1976 में सोवियत संघ ने रुपये-रूबल की दर में परिवर्तन करवाकर भारतीय अर्थव्यवस्था को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया।

क्या है मित्रोखिन आर्काइव? > यह केजीबी की टॉप-सीक्रेट फाइलों का संग्रह है, जिसे पूर्व जासूस वासिली मित्रोखिन ने 1992 में रूस से भागकर ब्रिटेन ले जाने में सफलता पाई थी। इसमें भारत में सोवियत प्रभाव की विस्तृत जानकारी होने का दावा किया जाता है।

"राहुल गांधी मतलब 'कॉम्प्रोमाइज'": पीयूष गोयल का प्रहार

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए उन्हें 'नकारात्मक राजनीति का पोस्टर बॉय' करार दिया। गोयल ने कहा:

सुरक्षा से समझौता: राहुल गांधी की 245 विदेश यात्राएं देश की सुरक्षा को जोखिम में डालती हैं।

पपेट की राजनीति: उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल विदेशी ताकतों के इशारे पर एक 'पपेट' (कठपुतली) की तरह काम कर रहे हैं।

झूठा नैरेटिव: बजट सत्र के दौरान ट्रेड डील पर राहुल द्वारा लगाए गए 'सरेंडर' के आरोपों को ओछी राजनीति बताया।

AI समिट में हंगामा और गिरफ्तारियां

यह पूरा विवाद उस समय और गरमा गया जब कांग्रेस ने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान 'Compromised PM' के पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया।

पुलिसिया कार्रवाई: दिल्ली पुलिस की स्पेशल क्राइम ब्रांच ने सुरक्षा घेरा भंग करने के आरोप में युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है।

कांग्रेस का पक्ष: उदय भानु का कहना है कि अमेरिका के साथ ट्रेड डील किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ है और यह सिर्फ अमेरिका को फायदा पहुँचाने के लिए की गई है।

आरोपों का सारांश

पक्षमुख्य आरोप / दावा
बीजेपीकांग्रेस ने CIA और KGB दोनों से पैसे लिए; मित्रोखिन फाइलों में इसके सबूत हैं।
कांग्रेसमोदी सरकार ने अमेरिका के सामने सरेंडर किया; ट्रेड डील से युवाओं और किसानों का नुकसान।
राहुल गांधीट्रेड डील राष्ट्रहित के खिलाफ है; पीएम मोदी ने अमेरिकी दबाव में घुटने टेके।
पीयूष गोयलगांधी परिवार एक 'कॉम्प्रोमाइज्ड' परिवार है, जिसका इतिहास विदेशी प्रभाव में रहा है।

निष्कर्ष: 2026 के इस राजनीतिक माहौल में 'विदेशी ताकतों' और 'जासूसी' के इन पुराने जिन्नों के बाहर आने से यह स्पष्ट है कि आगामी विधानसभा चुनावों और संसद के सत्रों में यह मुद्दा और भी गरमाने वाला है।

ट्रेंडिंग