डिजिटल डकैती: FATF की चेतावनी, अब 'साइबर फ्रॉड' बना मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंसिंग का नया हथियार
ग्लोबल वॉचडॉग फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ताजा रिपोर्ट ने दुनिया भर के वित्तीय तंत्र में खतरे की घंटी बजा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, जिसे 'साइबर-इनेबल्ड फ्रॉड- डिजिटलाइजेशन एंड मनी लॉन्ड्रिंग' शीर्षक दिया गया है, डिजिटल ठगी अब केवल व्यक्तिगत नुकसान का मामला नहीं रह गई है। यह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग और विनाशकारी हथियारों की खरीद (प्रोलिफरेशन फाइनेंसिंग) का मुख्य जरिया बन चुकी है।
25 Feb 2026
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पेरिस/नई दिल्ली | ग्लोबल वॉचडॉग फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की ताजा रिपोर्ट ने दुनिया भर के वित्तीय तंत्र में खतरे की घंटी बजा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, जिसे 'साइबर-इनेबल्ड फ्रॉड- डिजिटलाइजेशन एंड मनी लॉन्ड्रिंग' शीर्षक दिया गया है, डिजिटल ठगी अब केवल व्यक्तिगत नुकसान का मामला नहीं रह गई है। यह अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनी लॉन्ड्रिंग, टेरर फाइनेंसिंग और विनाशकारी हथियारों की खरीद (प्रोलिफरेशन फाइनेंसिंग) का मुख्य जरिया बन चुकी है।
खौफनाक आंकड़े: अपराध का नया चेहरा
FATF ने वैश्विक स्तर पर बढ़ते डिजिटल अपराधों के कुछ चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए हैं, जो बताते हैं कि तकनीक का दुरुपयोग कितनी तेजी से बढ़ा है:
ब्रिटेन: देश में होने वाले कुल अपराधों में 40% से अधिक हिस्सेदारी अब केवल धोखाधड़ी (Fraud) की है।
सिंगापुर: तकनीक के मामले में उन्नत इस देश में मात्र दो वर्षों के भीतर साइबर ठगी के मामलों में 61% की भारी वृद्धि देखी गई है।
वैश्विक स्तर: FATF द्वारा आंके गए 90% देशों (156 अधिकार क्षेत्र) ने स्वीकार किया है कि उनके यहाँ धोखाधड़ी अब मनी लॉन्ड्रिंग का सबसे बड़ा जोखिम बन चुकी है।
तकनीक का 'डार्क साइड': सीमाएं खत्म, खतरा बढ़ा
FATF अध्यक्ष एलिसा डी एंडा मद्राजो के अनुसार, डिजिटलाइजेशन ने अपराधियों को 'सीमाविहीन' (Borderless) ताकत दे दी है। अपराधी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का उपयोग कर ठगी करते हैं और पलक झपकते ही अवैध धन को एक देश से दूसरे देश भेज देते हैं। इस 'स्पीड' के कारण जांच एजेंसियों के लिए पैसे को ट्रैक करना और उसे वापस लाना (Asset Recovery) बेहद जटिल हो गया है।
"जालसाज अपनी तकनीक और रफ्तार बदल रहे हैं, हमें भी पीड़ितों के पैसे बचाने के लिए उसी रफ्तार से काम करना होगा।" — एलिसा डी एंडा मद्राजो, अध्यक्ष, FATF
नकेल कसने के लिए FATF का 'एक्शन प्लान'
इस वैश्विक खतरे से निपटने के लिए FATF ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
वर्चुअल एसेट्स पर सख्ती: क्रिप्टोकरेंसी जैसे वर्चुअल एसेट्स का उपयोग मनी लॉन्ड्रिंग में बढ़ रहा है, जिसके लिए कड़े रेगुलेशन अनिवार्य हैं।
शेल कंपनियों का अंत: फर्जी कंपनियों (Shell Companies) के पीछे छिपे असली मालिकों का पता लगाने के लिए पारदर्शिता बढ़ाना।
एआई (AI) का सुरक्षा कवच: बैंकों और वित्तीय खुफिया इकाइयों (FIUs) को संदिग्ध लेनदेन पकड़ने के लिए मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अपनाने की सलाह दी गई है।
एसेट रिकवरी: चोरी किए गए धन को फ्रीज करने और उसे वापस लाने के लिए वैश्विक स्तर पर कानूनी उपकरणों को मजबूत करना।
वियना में जुटेगी दुनिया: 'ग्लोबल फ्रॉड समिट'
साइबर अपराध की इस बढ़ती लहर को रोकने के लिए अगले महीने वियना में एक ऐतिहासिक 'ग्लोबल फ्रॉड समिट' आयोजित की जाएगी। इसमें FATF, इंटरपोल (Interpol) और UNODC (यूनाइटेड नेशंस ऑफिस ऑन ड्रग्स एंड क्राइम) के प्रतिनिधि मिलकर एक साझा वैश्विक रणनीति बनाएंगे।