दुबई/जोहान्सबर्ग | क्रिकेट के मैदान पर अनुशासनहीनता को लेकर इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। इस बार गाज गिरी है पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी बल्लेबाज सिद्रा अमीन पर। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर चल रही वनडे सीरीज के दौरान सिद्रा को आईसीसी के 'कोड ऑफ कंडक्ट' के उल्लंघन का दोषी पाया गया है।
कब और कहाँ हुई यह घटना?
यह मामला 22 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान के बीच खेले गए पहले वनडे मैच का है। पाकिस्तान की पुरुष टीम जहाँ टी20 वर्ल्ड कप में व्यस्त है, वहीं महिला टीम दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर है। मैच के दौरान सिद्रा अमीन से एक ऐसी गलती हुई जिसने उन्हें मैच रेफरी की रडार पर ला खड़ा किया।
क्या थी सिद्रा अमीन की 'वो' गलती?
मैच के 24वें ओवर में जब सिद्रा अमीन आउट हुईं, तो वह अपने विकेट से इस कदर निराश थीं कि उन्होंने खेल भावना को ताक पर रख दिया।
बल्ले पर निकाला गुस्सा: क्रीज छोड़ने से पहले सिद्रा ने गुस्से में अपना बल्ला जोर से जमीन पर पटका।
नियमों का उल्लंघन: आईसीसी की धारा 2.2 के तहत, क्रिकेट के साजो-सामान (जैसे बल्ला, स्टंप या विज्ञापन बोर्ड) का अपमान करना या उन्हें नुकसान पहुँचाना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है।
ICC की कार्रवाई: लेवल-1 का दोषी
फील्ड अंपायर केरिन क्लास्टे और निमाली परेरा की रिपोर्ट के आधार पर आईसीसी ने सिद्रा को लेवल-1 का दोषी करार दिया।
सजा: सिद्रा अमीन को औपचारिक रूप से फटकार लगाई गई है। साथ ही उनके रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट (Demerit Point) भी जोड़ दिया गया है।
स्वीकारोक्ति: सिद्रा ने मैच रेफरी के सामने अपनी गलती स्वीकार कर ली है, जिसके कारण इस मामले में किसी औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी।
क्या होता है लेवल-1 अपराध?
आईसीसी के नियमों के अनुसार, लेवल-1 के अपराध में खिलाड़ी पर मैच फीस का अधिकतम 50 प्रतिशत जुर्माना लगाया जा सकता है और उनके खाते में 1 या 2 डिमेरिट पॉइंट जोड़े जा सकते हैं। यदि 24 महीने के भीतर किसी खिलाड़ी के खाते में 4 या उससे अधिक डिमेरिट पॉइंट हो जाते हैं, तो उन पर एक या अधिक मैचों का प्रतिबंध (Ban) लग सकता है।
अगला मुकाबला: पाकिस्तान की टीम अब अगले मैचों में न केवल अपनी बल्लेबाजी, बल्कि मैदान पर अपने व्यवहार को लेकर भी अतिरिक्त सावधानी बरतना चाहेगी।