मधेपुरा में सनसनी: सिगरेट देने से मना किया तो दुकानदार के मुँह में मार दी गोली, हालत नाजुक

बिहार के मधेपुरा जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे छोटी-छोटी बातों पर जान लेने से भी नहीं कतरा रहे हैं। सदर थाना क्षेत्र के टीपी कॉलेज के पास एक किराना दुकानदार को सिर्फ इसलिए गोली मार दी गई क्योंकि उसने दुकान बंद होने के कारण सिगरेट और गुटखा देने से इनकार कर दिया था।

25 Feb 2026  |  5

मधेपुरा/सहरसा | बिहार के मधेपुरा जिले में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब वे छोटी-छोटी बातों पर जान लेने से भी नहीं कतरा रहे हैं। सदर थाना क्षेत्र के टीपी कॉलेज के पास एक किराना दुकानदार को सिर्फ इसलिए गोली मार दी गई क्योंकि उसने दुकान बंद होने के कारण सिगरेट और गुटखा देने से इनकार कर दिया था।

दुकान बंद करते समय हुआ हमला

पीड़ित पिंटू केसरी (35 वर्ष) पिछले 12 वर्षों से टीपी कॉलेज के समीप अपनी किराने की दुकान चला रहे हैं। मंगलवार रात करीब 12 बजे जब वह अपनी दुकान बढ़ाकर घर जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी बाइक सवार बदमाश वहां पहुँचे।

विवाद की वजह: बदमाशों ने पिंटू से सिगरेट और गुटखे की मांग की।

बर्बरता: जब पिंटू ने कहा कि दुकान बंद हो चुकी है और वह सामान नहीं दे सकते, तो बदमाशों ने तैश में आकर उनके मुँह में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।

हालत गंभीर, सहरसा में चल रहा इलाज

लहूलुहान हालत में पिंटू को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। वर्तमान में उनका इलाज सहरसा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है।

मेडिकल अपडेट: डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली तो निकाल ली है, लेकिन मुँह और गर्दन के हिस्से में गंभीर चोट होने के कारण उनकी स्थिति अब भी नाजुक बनी हुई है।

पुलिस की कार्रवाई और CCTV जांच

घटना की सूचना मिलते ही मधेपुरा पुलिस हरकत में आई। अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) प्रवेंद्र भारती ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया है।

CCTV फुटेज: पुलिस घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों को खंगाल रही है ताकि बाइक सवार हमलावरों की पहचान की जा सके।

आश्वासन: पुलिस का दावा है कि आरोपियों के बारे में कुछ अहम सुराग मिले हैं और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इलाके में दहशत और आक्रोश

इस गोलीबारी के बाद टीपी कॉलेज और आसपास के बाजार क्षेत्र में दुकानदारों के बीच भारी गुस्सा है। स्थानीय निवासियों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रात के समय गश्त (Patrolling) बढ़ाई जाए। लोगों का कहना है कि अगर अपराधी इतने बेखौफ हैं कि मामूली बात पर मुँह में गोली मार दे रहे हैं, तो आम आदमी की सुरक्षा का क्या होगा?

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