नई दिल्ली: विश्व व्यापार संगठन (WTO) में आगामी जुलाई माह में भारत की 8वीं व्यापार नीति (Trade Policy Review) की समीक्षा होने जा रही है। इस महत्वपूर्ण सहकर्मी समीक्षा (Peer Review) से पहले ही भारत ने अपनी डिजिटल शक्ति और व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) के क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी बदलावों से दुनिया को प्रभावित किया है।
'फेसलेस और पेपरलेस' कस्टम्स की वैश्विक गूंज
केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के सदस्य सुरजीत भुजबल के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जिनेवा में आयोजित एक विशेष सत्र में भारत के आधुनिक कस्टम्स इकोसिस्टम का प्रदर्शन किया।
प्रस्तुति के मुख्य आकर्षण:
डिजिटल इंडिया का असर: भारत ने अपने ‘फेसलेस, कॉन्टैक्टलेस और पेपरलेस’ कस्टम्स सिस्टम को दुनिया के सामने रखा।
वैश्विक रुचि: लगभग 40 देशों के प्रतिनिधियों और WTO सचिवालय ने भारत के इन सुधारों को गहराई से समझने में अपनी रुचि दिखाई।
समयबद्ध प्रतिबद्धता: भारत ने ट्रेड फैसिलिटेशन एग्रीमेंट (TFA) के तहत अपनी 100% प्रतिबद्धताओं को समय सीमा के भीतर अधिसूचित कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
'TFA प्लस' की ओर बढ़ते कदम
वित्त मंत्रालय के अनुसार, भारत अब राष्ट्रीय ट्रेड फैसिलिटेशन एक्शन प्लान (NTFAP 3.0) के माध्यम से ‘टीएफए प्लस’ उपायों की ओर बढ़ रहा है। इसका उद्देश्य भारतीय व्यापार प्रक्रियाओं को वैश्विक सर्वोत्तम मानकों के समकक्ष लाना है।
पिछले दशक की उपलब्धियां:
लागत में कमी: डिजिटलीकरण के कारण लेनदेन की लागत (Transaction Cost) में भारी गिरावट आई है।
तेज क्लीयरेंस: सीमा शुल्क निकासी के समय में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
पारदर्शिता: 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट' दृष्टिकोण से विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है।
व्यापार नीति समीक्षा का महत्व
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| समीक्षा का समय | जुलाई 2026 |
| समीक्षा का क्रम | 8वीं व्यापार नीति समीक्षा |
| मुख्य फोकस | डिजिटल सुधार और व्यापार सुगमता |
| सहभागी देश | 40 से अधिक देश और WTO सचिवालय |
भारतीय अधिकारियों ने रेखांकित किया कि इन सुधारों ने न केवल व्यापार वृद्धि को बढ़ावा दिया है, बल्कि वैश्विक वैल्यू चेन (Global Value Chain) में भारत की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ किया है।