नई दिल्ली: भारतीय अर्थव्यवस्था मध्यम अवधि में अपनी रफ़्तार बरकरार रखने के लिए तैयार है। 'ईवाई इकोनॉमी वॉच' (EY Economy Watch) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 (FY27) में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के दायरे में रहने का अनुमान है। यह आंकड़ा न केवल भारत को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाए रखेगा, बल्कि 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को भी मजबूती देगा।
व्यापारिक समझौतों से मिलेगी 'ग्लोबल' रफ़्तार
ईवाई इंडिया के मुख्य नीति सलाहकार, डी.के. श्रीवास्तव के अनुसार, दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ भारत के द्विपक्षीय व्यापार समझौतों ने मध्यम अवधि की संभावनाओं को उज्ज्वल कर दिया है। इन समझौतों से भारतीय उत्पादों की वैश्विक पहुंच बढ़ेगी और निर्यात क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी।
टैक्स सुधार: आम आदमी की जेब में बढ़ेगी 'डिस्पोजेबल इनकम'
रिपोर्ट में रेखांकित किया गया है कि सरकार द्वारा व्यक्तिगत आयकर और जीएसटी (GST) में किए गए सुधारों का सीधा लाभ परिवारों को मिल रहा है।
खपत में बढ़ोतरी: करों में कटौती से लोगों के पास खर्च करने के लिए अधिक पैसा (Disposable Income) बच रहा है, जिससे बाजार में निजी उपभोग की मांग बढ़ेगी।
राजकोषीय अनुशासन: हालांकि टैक्स छूट के कारण सरकार के सकल कर राजस्व में कमी की आशंका है, लेकिन रिपोर्ट का मानना है कि सरकार अपने राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) के लक्ष्य से समझौता नहीं करेगी।
विकसित भारत 2047: टैक्स-जीडीपी अनुपात की चुनौती
रिपोर्ट के अनुसार, 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लिए भारत को अपने टैक्स-जीडीपी अनुपात में सुधार करना अनिवार्य है। अब फोकस नई टैक्स दरों के बजाय 'कर अनुपालन' (Tax Compliance) पर होगा।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष: एक नजर में
| पैरामीटर | अनुमान / स्थिति |
|---|---|
| FY27 जीडीपी वृद्धि दर | 6.8% - 7.2% |
| मुख्य चालक | निजी उपभोग और द्विपक्षीय व्यापार समझौते |
| नीतिगत फोकस | बेहतर कर अनुपालन और राजकोषीय अनुशासन |
| बड़ी चुनौती | राजस्व में संभावित कमी के बावजूद घाटे को नियंत्रित करना |
आगे की राह
अब जबकि बड़े कर सुधार लागू किए जा चुके हैं, भारतीय अर्थव्यवस्था का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि देश कितनी कुशलता से टैक्स चोरी रोकता है और कर आधार को बढ़ाता है। खपत को बढ़ावा देने वाले सुधार और वित्तीय अनुशासन का यह संतुलन भारत को एक सुदृढ़ आर्थिक महाशक्ति बनाने की ओर अग्रसर है।