पथनमथिट्टा, केरल। केरल विधानसभा चुनावों की आहट के बीच राज्य की सियासत में एक 'कटहल' ने हलचल मचा दी है। पथनमथिट्टा जिला जनरल अस्पताल में एक बुजुर्ग मरीज के सिर पर कटहल गिरने की अजीबोगरीब घटना ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस, जो राज्य की सत्ता में वापसी के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है, ने इसे अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही बताते हुए सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
क्या है पूरा मामला?
अस्पताल अधिकारियों के अनुसार, यह घटना बुधवार को तब हुई जब ओमल्लूर के रहने वाले गंगाधरन नायर (78) अस्पताल पहुंचे थे।
दुर्घटना: नायर अस्पताल की 'कैजुअल्टी विंग' के पास एक पेड़ के नीचे खड़े होकर किसी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान ऊपर से एक भारी-भरकम कटहल सीधे उनके सिर पर आ गिरा।
अस्पताल की स्थिति: प्रहार इतना तेज था कि नायर मौके पर ही बेहोश हो गए। आनन-फानन में डॉक्टरों ने उन्हें भर्ती किया। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज किया जा सकता है।
जिम्मेदारी का 'पासिंग द पार्सल'
अस्पताल प्रशासन ने इस घटना के लिए वन विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। अधिकारियों का कहना है कि पेड़ की देखरेख सोशल फॉरेस्ट्री विंग करती है। उन्होंने पहले ही पेड़ को हटाने या कटाई-छंटाई का अनुरोध किया था, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
युवा कांग्रेस का तीखा विरोध: "अब हेलमेट पहनकर आएं मरीज"
चुनावी माहौल में इस मुद्दे को लपकते हुए युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को अस्पताल परिसर में जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
कुप्रबंधन का आरोप: युवा कांग्रेस नेता नहास पथनमथिट्टा ने कहा, "यह घटना दिखाती है कि सरकारी अस्पतालों का प्रबंधन कितना लचर है। जो मरीज इलाज के लिए आ रहे हैं, वे अस्पताल की लापरवाही से घायल होकर लौट रहे हैं।"
प्रतीकात्मक विरोध: नहास ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान भी सामान गिरने से लोग घायल होते रहे हैं। उन्होंने घोषणा की कि विरोध के अगले चरण में युवा कांग्रेस मरीजों और स्टाफ को 'सुरक्षा हेलमेट' बांटेगी, ताकि वे अस्पताल में सुरक्षित रह सकें।
चुनावी बिसात पर 'हादसा'
केरल में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्ताधारी दल को घेरने के लिए कांग्रेस हर छोटे-बड़े मुद्दे पर सक्रिय है। अस्पताल में हुई इस घटना ने विपक्ष को "सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाओं" के मुद्दे पर सरकार को कटघरे में खड़ा करने का मौका दे दिया है।
अस्पताल का पक्ष: "मरीज की हालत अब स्थिर है। पेड़ को लेकर वन विभाग से संपर्क किया गया था, देरी वहां से हुई है।" — अस्पताल प्रशासन