ब्रिटिश संसद में गूँजा इमरान खान का मुद्दा: क्या पाकिस्तान की आर्थिक मदद रोकेगा ब्रिटेन?

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में बिगड़ती स्थिति और वहां लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन को लेकर ब्रिटिश संसद में तीखी बहस छिड़ गई है। कम से कम पाँच प्रमुख सांसदों ने कीर स्टार्मर सरकार को घेरते हुए पाकिस्तान के प्रति 'नरम रुख' अपनाने पर सवाल उठाए हैं। सांसदों ने दोटूक शब्दों में कहा कि राष्ट्रमंडल (Commonwealth) का सदस्य होने के नाते पाकिस्तान में हो रही "लोकतंत्र की हत्या" पर ब्रिटेन अपनी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकता।

26 Feb 2026  |  104

लंदन: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की जेल में बिगड़ती स्थिति और वहां लोकतांत्रिक मूल्यों के हनन को लेकर ब्रिटिश संसद में तीखी बहस छिड़ गई है। कम से कम पाँच प्रमुख सांसदों ने कीर स्टार्मर सरकार को घेरते हुए पाकिस्तान के प्रति 'नरम रुख' अपनाने पर सवाल उठाए हैं। सांसदों ने दोटूक शब्दों में कहा कि राष्ट्रमंडल (Commonwealth) का सदस्य होने के नाते पाकिस्तान में हो रही "लोकतंत्र की हत्या" पर ब्रिटेन अपनी आँखें मूंदकर नहीं बैठ सकता।

"लोकतंत्र नहीं तो फंड क्यों?" – सांसदों के कड़े तेवर

बहस की शुरुआत करते हुए सांसद जैक गोल्डस्मिथ ने पाकिस्तान को दी जाने वाली वित्तीय सहायता पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:

"जिस देश में लोकतंत्र का वजूद खतरे में हो और जहाँ एक पूर्व प्रधानमंत्री को इलाज के लिए अस्पताल तक न ले जाया जा रहा हो, उसे हम सबसे ज्यादा फंड क्यों दे रहे हैं? इस सहायता को तुरंत बंद क्यों नहीं किया जाना चाहिए?"

सांसद सिक्का ने सरकार की दोहरी नीति पर प्रहार करते हुए कहा कि ब्रिटेन ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों में होने वाले दमन पर तो मुखर रहता है, लेकिन पाकिस्तान के मामले में चुप्पी साध लेता है। वहीं, सांसद हेनन ने दावा किया कि इमरान खान को सिर्फ इसलिए जेल में रखा गया है ताकि वह चुनाव जीतकर सत्ता में न लौट सकें।

ब्रिटिश सरकार का रुख: फंड में कटौती के संकेत

विपक्षी सांसदों के भारी दबाव के बीच ब्रिटिश सरकार ने इस मुद्दे पर गंभीरता दिखाने का आश्वासन दिया है। सरकारी प्रतिनिधि ने सदन में कहा:

सरकार पाकिस्तान की स्थिति पर करीब से नजर रख रही है।

हालाँकि फंड को पूरी तरह बंद करना संभव नहीं है, लेकिन इसमें बड़ी कटौती पर विचार किया जा रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में पाकिस्तान को 133 मिलियन यूरो का डेवलपमेंट फंड दिया गया था, जिसे घटाकर 2025-26 के लिए 103 मिलियन यूरो कर दिया गया है। पिछले वर्ष भी इसमें 40% की कटौती की गई थी।

मुख्य बिंदु: बहस में शामिल सांसद

इस महत्वपूर्ण चर्चा में पी ट्विड, बी अलेक्जेंडर, गोल्डस्मिथ, सिक्का और विंबलडन जैसे सांसदों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के अनुसार, यह बहस ऐसे समय में हुई है जब इमरान खान के समर्थक उनकी सेहत को लेकर लगातार चिंता जता रहे हैं और उन्हें जेल से अस्पताल शिफ्ट करने की मांग कर रहे हैं।

विवरणसांख्यिकी / तथ्य
कुल सांसद5 (प्रमुख वक्ता)
मुख्य चिंतामानवाधिकार उल्लंघन और लोकतंत्र का अभाव
फंड (2024)133 मिलियन यूरो
प्रस्तावित कटौतीरणनीतिक और विकासात्मक फंड में कमी

ब्रिटिश सांसदों का यह कड़ा रुख आने वाले दिनों में पाकिस्तान और ब्रिटेन के कूटनीतिक संबंधों पर गहरा असर डाल सकता है।

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