ईरान से सीधी जंग के मूड में नहीं व्हाइट हाउस: 3 खुफिया रिपोर्टों ने बदला अमेरिका का गेमप्लान

मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। व्हाइट हाउस के अधिकारी अब तेहरान के साथ सीधे युद्ध में उलझने के बजाय इजराइल को 'फ्रंट' पर रखने की तैयारी में हैं। हाल ही में सामने आई तीन प्रमुख रिपोर्टों ने जो बाइडेन प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि ईरान के साथ सीधा टकराव अमेरिका के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है।

26 Feb 2026  |  77

वॉशिंगटन: मध्य-पूर्व (Middle East) में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। व्हाइट हाउस के अधिकारी अब तेहरान के साथ सीधे युद्ध में उलझने के बजाय इजराइल को 'फ्रंट' पर रखने की तैयारी में हैं। हाल ही में सामने आई तीन प्रमुख रिपोर्टों ने जो बाइडेन प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, जिसमें स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि ईरान के साथ सीधा टकराव अमेरिका के लिए आत्मघाती साबित हो सकता है।

1. जनमत का दबाव: "जंग तो हो, पर अमेरिकी जान न जाए"

जेएल पार्टनर्स के हालिया सर्वे ने व्हाइट हाउस को धर्मसंकट में डाल दिया है। सर्वे के मुख्य बिंदु:

54% अमेरिकी ईरान पर हमले के पक्ष में हैं।

39% लोग युद्ध के खिलाफ हैं।

सबसे बड़ी शर्त: समर्थन करने वाले अमेरिकियों का स्पष्ट कहना है कि वे इस जंग में एक भी अमेरिकी सैनिक की मौत बर्दाश्त नहीं करेंगे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अमेरिका सीधे युद्ध में कूदता है, तो उसके सैन्य ठिकानों पर ईरानी हमलों में जान-माल का भारी नुकसान तय है, जिसे अमेरिकी जनता स्वीकार नहीं करेगी।

2. चीन की 'रेयर मेटल' कूटनीति और सैन्य धमकी

चाइना टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। चीन ने कहा है कि यदि ईरान पर हमला हुआ, तो वह रेयर मेटल (Rare Metal) का निर्यात रोक देगा।

असर: अमेरिका के मिसाइल और फाइटर जेट उद्योग के लिए ये धातुएं अनिवार्य हैं। इसके रुकने से अमेरिकी सैन्य उत्पादन ठप हो सकता है।

मिसाइल डील: चीन ईरान को घातक हाइपरसोनिक CM-300 मिसाइलें बेचने की भी तैयारी कर रहा है, जो पूरे मिडिल ईस्ट में पावर बैलेंस बिगाड़ सकती हैं।

3. CIA की रिपोर्ट: सत्ता परिवर्तन की उम्मीद कम

वाशिंगटन पोस्ट और सीआईए (CIA) की जनवरी 2026 की खुफिया रिपोर्ट ने अमेरिका के 'रिजाइम चेंज' (सत्ता परिवर्तन) के दावों की हवा निकाल दी है:

मजबूत किलेबंदी: अयातुल्ला खामेनेई ने अपनी सत्ता को बचाने के लिए हर बड़े अधिकारी के 4-4 उत्तराधिकारी पहले से तय कर रखे हैं।

जनता का रुख: रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की जनता फिलहाल खामेनेई की सत्ता पलटने के लिए उतनी मुखर नहीं है जितनी उम्मीद की जा रही थी। यानी सैन्य हमले से वहां की सरकार गिराना लगभग असंभव है।

रणनीतिक बदलाव: इजराइल आगे, अमेरिका पीछे

पॉलिटिको के अनुसार, इन रिपोर्टों के बाद अमेरिका अब 'बैकसीट ड्राइविंग' की मुद्रा में है। वह चाहता है कि:

इजराइल इस युद्ध का नेतृत्व करे और अमेरिका केवल सहयोगी की भूमिका निभाए।

सीधी जंग से बचकर सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और जॉर्डन जैसे अपने सहयोगियों को ईरानी जवाबी कार्रवाई से बचाया जा सके।

रूस की मध्यस्थता वाले उस हालिया 'नो-वॉर' समझौते का उल्लंघन न हो, जिसमें इजराइल और ईरान ने एक-दूसरे पर पहले हमला न करने की बात कही थी।

रिपोर्ट का स्रोतमुख्य निष्कर्ष
JL पार्टनर्सअमेरिकी सैनिकों की मृत्यु पर जनता का कड़ा विरोध।
चाइना टुडेरेयर मेटल की सप्लाई रोकने और हाइपरसोनिक मिसाइल की धमकी।
CIA (जनवरी 2026)ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोई गुंजाइश नहीं; सिस्टम बेहद मजबूत।

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