तेल अवीव: भारत और इजरायल के बीच रणनीतिक संबंधों ने आज एक नया स्वर्णिम अध्याय लिखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक इजरायल यात्रा के दौरान दोनों देशों ने भारत के स्वदेशी डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI (यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस) को इजरायल में लागू करने पर सहमति जताई है। यह समझौता न केवल तकनीक का आदान-प्रदान है, बल्कि वैश्विक फिनटेक मंच पर भारत की बढ़ती धमक का प्रमाण भी है।
नागरिकों और व्यापारियों के लिए 'डिजिटल वरदान'
इजरायल में UPI की दस्तक से वहां जाने वाले भारतीय पर्यटकों, छात्रों और व्यापारियों की राह बेहद आसान हो जाएगी।
कैशलेस सुविधा: अब यात्रियों को भारी विदेशी मुद्रा (Forex) साथ रखने या महंगे इंटरनेशनल क्रेडिट कार्ड शुल्कों की चिंता नहीं करनी होगी।
त्वरित भुगतान: भारतीय नागरिक अपने मोबाइल फोन के माध्यम से इजरायली बाजारों में सीधे और सुरक्षित भुगतान कर सकेंगे।
'विशेष रणनीतिक साझेदारी' के नए आयाम
प्रधानमंत्री मोदी और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई इस उच्च स्तरीय वार्ता ने द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई दी है। साझा प्रेस वार्ता में पीएम मोदी ने जोर देकर कहा:
"यह समझौता केवल आर्थिक लेनदेन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भविष्य की आधुनिक तकनीक को अपनाने की एक साझा पहल है, जो पूरी दुनिया को नई दिशा दिखाएगी।"
रक्षा, अंतरिक्ष और स्मार्ट खेती पर बड़ा दांव
दोनों देशों के बीच सहयोग का दायरा केवल डिजिटल पेमेंट तक सीमित नहीं रहा। इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर भी रणनीतिक मुहर लगी है:
रक्षा: उन्नत हथियारों का संयुक्त निर्माण और विकास (Co-development)।
अंतरिक्ष: अंतरिक्ष अन्वेषण और नागरिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में साझा अनुसंधान।
स्मार्ट खेती: भविष्य की कृषि चुनौतियों के लिए इजरायली तकनीक और भारतीय नवाचार का संगम।
आतंकवाद पर कड़ा प्रहार: पीएम मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया कि सभ्य समाज में आतंकवाद और उसे पनाह देने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है।
नेतन्याहू ने सराहा 'भारतीय कौशल'
इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भारतीय प्रशासन की कार्यकुशलता की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने भारत की नीतियों को 'अद्भुत रूप से कुशल' बताते हुए कहा कि यह दो महान देशों के विचारों और दिलों का मिलन है। दोनों नेताओं ने I2U2 और IMEC (इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर) जैसी क्षेत्रीय पहलों को तेजी से आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया।
| समझौते के मुख्य क्षेत्र | प्रभाव |
|---|---|
| UPI पेमेंट | आसान और सस्ता सीमा-पार लेनदेन। |
| रक्षा सहयोग | सैन्य क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा। |
| स्मार्ट एग्रीकल्चर | जल संरक्षण और फसल उत्पादकता में सुधार। |
| आतंकवाद विरोध | वैश्विक सुरक्षा के लिए साझा कड़ा रुख। |