मोदी-इजराइल वार्ता से भारतीय डिफेंस स्टॉक में 'रॉकेट' जैसी तेजी: 5% तक उछले शेयर, 'मिशन सुदर्शन चक्र' को मिलेगी नई धार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल की ऐतिहासिक यात्रा ने न केवल कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचाई है, बल्कि भारतीय शेयर बाजार के 'डिफेंस सेक्टर' में भी जोश भर दिया है। गुरुवार को निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 1.48% की बढ़त के साथ बंद हुआ। निवेशकों के इस उत्साह की मुख्य वजह भारत और इजराइल के बीच अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के तकनीक हस्तांतरण (Transfer of Technology) पर होने वाला संभावित महा-समझौता है।

26 Feb 2026  |  68

मुंबई/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल की ऐतिहासिक यात्रा ने न केवल कूटनीतिक गलियारों में हलचल मचाई है, बल्कि भारतीय शेयर बाजार के 'डिफेंस सेक्टर' में भी जोश भर दिया है। गुरुवार को निफ्टी इंडिया डिफेंस इंडेक्स 1.48% की बढ़त के साथ बंद हुआ। निवेशकों के इस उत्साह की मुख्य वजह भारत और इजराइल के बीच अत्याधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम के तकनीक हस्तांतरण (Transfer of Technology) पर होने वाला संभावित महा-समझौता है।

इन कंपनियों के शेयरों ने भरी उड़ान

रक्षा समझौते की खबरों के बीच डेटा पैटर्न्स और एस्ट्रा माइक्रोवेव जैसी कंपनियों के शेयर निवेशकों की पहली पसंद बने रहे:

डेटा पैटर्न्स: सबसे अधिक 5% की बढ़त दर्ज की गई।

एस्ट्रा माइक्रोवेव: लगभग 4% का उछाल देखा गया।

सौर इंडस्ट्रीज और यूनिमैक एयरोस्पेस: करीब 3% की मजबूती।

दिग्गज कंपनियां: सरकारी क्षेत्र की HAL, BEL और भारत डायनामिक्स में भी 1.5% तक की तेजी रही।

'मेक इन इंडिया' को मिलेगा इजराइली तकनीक का सहारा

यह दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि चर्चा केवल हथियार खरीदने की नहीं, बल्कि उन्हें भारत में बनाने की तकनीक हासिल करने की है। इजराइल की प्रमुख कंपनियां जैसे 'इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज' और 'राफेल एडवांस डिफेंस सिस्टम्स' के साथ साझेदारी की संभावना है।

साझेदारी के केंद्र में रह सकती हैं ये प्रणालियाँ:

एरो मिसाइल डिफेंस सिस्टम: लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए।

डेविड्स स्लिंग और आयरन डोम: मध्यम और कम दूरी के खतरों के लिए।

आयरन बीम: लेजर-आधारित भविष्य की सुरक्षा तकनीक।

‘मिशन सुदर्शन चक्र’ और आत्मनिर्भर भारत

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान स्पष्ट किया कि 'मिशन सुदर्शन चक्र' के तहत भारत एक ऐसी बहु-स्तरीय मिसाइल डिफेंस प्रणाली विकसित कर रहा है, जो देश की सीमाओं को अभेद्य बना देगी। इजराइल के साथ यह तकनीकी सहयोग इस विजन को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।

विशेषज्ञों की राय: लंबी अवधि के लिए कौन है बेहतर?

बाजार विश्लेषकों ने निवेशकों के लिए कुछ प्रमुख सुझाव दिए हैं:

HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड): विमान निर्माण में एकाधिकार और मजबूत ऑर्डर बुक के कारण लंबी अवधि के लिए सुरक्षित।

BEL (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स): रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के विविध पोर्टफोलियो के कारण टिकाऊ निवेश।

भारत डायनामिक्स: मिसाइल निर्माण का मजबूत आधार, लेकिन प्रदर्शन बड़े ऑर्डरों के समय पर पूरा होने पर निर्भर करेगा।

आर्थिक मोर्चे पर भी बड़ी हलचल

रक्षा क्षेत्र के साथ-साथ आर्थिक रिश्ते भी नई ऊंचाइयों पर हैं। नई दिल्ली में 23 से 26 फरवरी के बीच दोनों देशों के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर पहले दौर की बातचीत शुरू हो चुकी है, जो भविष्य में व्यापारिक बाधाओं को कम करेगी।

कंपनी का नामशेयर में तेजी (%)मुख्य विशेषज्ञता
डेटा पैटर्न्स5.0%इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स
एस्ट्रा माइक्रोवेव4.0%रडार और वायरलेस संचार
Nifty Defence Index1.48%समग्र रक्षा क्षेत्र का प्रदर्शन
HAL/BEL1.5% (लगभग)एयरोस्पेस और इलेक्ट्रॉनिक्स

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