महाराष्ट्र डायरी: राज्यसभा सीट पर एमवीए में रार, संजय राउत मानहानि मामले में बरी

महाराष्ट्र की राजनीति में आज तीन बड़ी खबरें सुर्खियों में रहीं। जहाँ एक ओर राज्यसभा चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन 'महा विकास आघाडी' (MVA) के भीतर दरारें उभरती दिख रही हैं, वहीं दूसरी ओर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत को कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही, महिला आयोग ने राज्य में सक्रिय एक बड़े मेडिकल रैकेट का पर्दाफाश किया है।

27 Feb 2026  |  53

मुंबई | महाराष्ट्र की राजनीति में आज तीन बड़ी खबरें सुर्खियों में रहीं। जहाँ एक ओर राज्यसभा चुनाव को लेकर विपक्षी गठबंधन 'महा विकास आघाडी' (MVA) के भीतर दरारें उभरती दिख रही हैं, वहीं दूसरी ओर शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत को कानूनी मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। इसके साथ ही, महिला आयोग ने राज्य में सक्रिय एक बड़े मेडिकल रैकेट का पर्दाफाश किया है।

1. राज्यसभा की एक सीट और तीन दावेदार: क्या टूटेगा विपक्षी कुनबा?

महाराष्ट्र में राज्यसभा की खाली हो रही सात सीटों में से विपक्ष के पाले में केवल एक सीट आती दिख रही है। लेकिन इस एक सीट ने महा विकास आघाडी के भीतर खींचतान बढ़ा दी है।

कांग्रेस का दावा: कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने स्पष्ट रूप से कहा कि 'राष्ट्रीय दल' होने के नाते इस सीट पर कांग्रेस का स्वाभाविक हक है।

शिवसेना (UBT) की दलील: कुछ दिन पहले उद्धव गुट ने इस सीट पर अपना दावा ठोंकते हुए इसे अपना अधिकार बताया था।

बैठक बेनतीजा: गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बावजूद अभी तक किसी एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है, जिससे गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

2. संजय राउत को बड़ी राहत: मानहानि मामले में कोर्ट ने किया बरी

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत के लिए गुरुवार का दिन सुकून भरा रहा। मुंबई की एक सत्र अदालत ने भाजपा नेता किरीट सोमैया की पत्नी मेधा सोमैया द्वारा दायर मानहानि मामले में राउत को बरी कर दिया।

मामला क्या था? निचली अदालत ने राउत को मेधा सोमैया के खिलाफ निराधार आरोप लगाने का दोषी मानते हुए 15 दिन की जेल की सजा सुनाई थी। राउत ने सत्र अदालत में इस फैसले को चुनौती दी थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। यह मामला मीरा-भयंदर क्षेत्र में शौचालयों के निर्माण से जुड़े कथित घोटाले के आरोपों से संबंधित था।

3. बडलीपुर 'अंडाणु रैकेट' का खुलासा: महिला आयोग की सख्त कार्रवाई

महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकंकर ने बडलीपुर में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें एक बेहद चौंकाने वाले मेडिकल रैकेट का खुलासा हुआ।

धोखाधड़ी का जाल: आर्थिक रूप से कमजोर लगभग 40 महिलाओं को झांसा देकर अवैध रूप से कई बार 'एग डोनेशन' (अंडाणु दान) के लिए मजबूर किया गया।

बिना लाइसेंस का खेल: 'मल्टी IVF सेंटर' नासिक में लाइसेंस प्राप्त था, लेकिन वह ठाणे में अवैध रूप से संचालित हो रहा था।

फर्जी डॉक्टर: गिरफ्तार पांचों आरोपियों के पास कोई मेडिकल डिग्री नहीं थी, फिर भी वे महिलाओं को हार्मोनल इंजेक्शन और एनेस्थीसिया देकर प्रक्रिया को अंजाम दे रहे थे।

कार्रवाई: रूपाली चाकंकर ने FDA और पुलिस को राज्य के सभी सोनोग्राफी केंद्रों और IVF क्लीनिकों के लाइसेंस की गहन जांच करने के कड़े निर्देश दिए हैं।

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