रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन, संघर्ष के दिनों के 'सारथी' ने दुनिया को कहा अलविदा

भारतीय क्रिकेट के 'फिनिशर' रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। वे चौथे चरण (Stage 4) के लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहते हुए उन्होंने सुबह करीब 4:36 बजे अंतिम सांस ली। रिंकू सिंह, जो अपने पिता को अपनी सफलता का सबसे बड़ा आधार मानते थे, इस दुखद घड़ी में टीम का साथ छोड़कर घर पहुँच चुके हैं।

27 Feb 2026  |  70

ग्रेटर नोएडा/अलीगढ़: भारतीय क्रिकेट के 'फिनिशर' रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। वे चौथे चरण (Stage 4) के लिवर कैंसर से जूझ रहे थे। ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रहते हुए उन्होंने सुबह करीब 4:36 बजे अंतिम सांस ली। रिंकू सिंह, जो अपने पिता को अपनी सफलता का सबसे बड़ा आधार मानते थे, इस दुखद घड़ी में टीम का साथ छोड़कर घर पहुँच चुके हैं।

बेटे के सपनों के लिए पिता का अटूट संघर्ष

रिंकू सिंह की फर्श से अर्श तक की कहानी में उनके पिता खानचंद सिंह का योगदान किसी मिसाल से कम नहीं है। अलीगढ़ में सिलेंडर डिलीवरी का काम करने के बावजूद उन्होंने रिंकू के क्रिकेटर बनने के सपने को कभी टूटने नहीं दिया।

प्रेरणा पुंज: रिंकू ने अक्सर साक्षात्कारों में जिक्र किया है कि कैसे उनके पिता ने तंगहाली के दिनों में भी उन्हें प्रोत्साहित किया।

अंतिम समय: पिता की तबीयत बिगड़ने की खबर मिलते ही रिंकू सिंह चेन्नई में टीम इंडिया का प्रैक्टिस सेशन छोड़कर तुरंत घर रवाना हो गए थे।

अंतिम यात्रा: पैतृक गांव में होगा संस्कार

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार को हालत गंभीर होने के बाद उन्हें भर्ती कराया गया था, लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

"रिंकू की हर सफलता पर उनके पिता की आंखों में जो चमक दिखती थी, वह करोड़ों युवाओं के लिए प्रेरणा थी। आज उनके निधन से अलीगढ़ समेत पूरा खेल जगत शोकाकुल है।"

स्वजन पार्थिव शरीर को लेकर उनके गृह जनपद अलीगढ़ के लिए रवाना हो गए हैं, जहाँ पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

खेल जगत में शोक की लहर

जैसे ही यह दुखद खबर फैली, सोशल मीडिया पर प्रशंसकों और साथी क्रिकेटरों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त करना शुरू कर दिया। रिंकू सिंह के संघर्षपूर्ण करियर में उनके पिता एक मजबूत स्तंभ की तरह खड़े रहे, और आज उनके जाने से क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी भारी उदासी है।

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