मिडिल ईस्ट में महायुद्ध की आहट: अमेरिका ने इजराइल से कर्मचारियों को बुलाया वापस, चीन ने भी ईरान छोड़ने का दिया अल्टीमेटम

मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीधे टकराव की आशंका के चलते क्षेत्र में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। सुरक्षा हालातों की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने इजराइल में तैनात अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने की अनुमति दे दी है। वहीं, चीन ने भी ईरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए तत्काल निकास की सलाह जारी की है।

27 Feb 2026  |  75

यरुशलम/तेहरान | मध्य पूर्व में तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच सीधे टकराव की आशंका के चलते क्षेत्र में भारी अस्थिरता देखी जा रही है। सुरक्षा हालातों की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने इजराइल में तैनात अपने गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों को देश छोड़ने की अनुमति दे दी है। वहीं, चीन ने भी ईरान में मौजूद अपने नागरिकों के लिए तत्काल निकास की सलाह जारी की है।

अमेरिकी राजदूत का संदेश: "देरी न करें, आज ही निकलें"

इजराइल में अमेरिकी राजदूत माइक हकाबी ने दूतावास कर्मियों को भेजे एक आंतरिक ईमेल में स्थिति की गंभीरता को स्पष्ट किया है।

सीटें बुक करने की सलाह: हकाबी ने कहा कि हवाई टिकटों की मांग तेजी से बढ़ सकती है, इसलिए जाने के इच्छुक लोग तुरंत अपनी व्यवस्था करें।

सावधानी पर जोर: हालांकि उन्होंने 'पैनिक' न फैलाने की बात कही, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से तत्काल रवाना होने को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया।

प्रतिबंधित क्षेत्र: अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट ने यरुशलम के ओल्ड सिटी और वेस्ट बैंक जैसे इलाकों में आवाजाही पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं।

ईरान की दोटूक चेतावनी: "बातचीत विफल हुई तो युद्ध ही रास्ता"

दूसरी ओर, ईरान के सुर भी बेहद कड़े नजर आ रहे हैं। सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रतिनिधि लुत्फोल्लाह देझकाम ने साफ कर दिया है कि ईरान झुकने को तैयार नहीं है।

"हर बातचीत का नतीजा सुखद नहीं होता। अगर अमेरिका के साथ चल रही वार्ता बेनतीजा रहती है, तो अगला रास्ता केवल युद्ध होगा। बातचीत तभी सफल होगी जब सामने वाले को युद्ध के गंभीर परिणामों का एहसास हो।"लुत्फोल्लाह देझकाम

चीन ने भी अपने नागरिकों को किया आगाह

तनाव की आंच केवल पश्चिमी देशों तक सीमित नहीं है। चीन के विदेश मंत्रालय ने भी ईरान को लेकर कड़ी एडवाइजरी जारी की है:

यात्रा न करें: चीनी नागरिकों को फिलहाल ईरान न जाने की सलाह दी गई है।

सुरक्षित निकास: जो लोग ईरान में मौजूद हैं, उन्हें जल्द से जल्द कमर्शियल फ्लाइट या जमीनी रास्तों से सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।

सरकारी मदद: चीन के वाणिज्य दूतावास अपने नागरिकों को निकालने में हरसंभव सहायता प्रदान कर रहे हैं।

सुरक्षा एडवाइजरी: इन सीमाओं से रहें दूर

विभिन्न देशों द्वारा जारी नई ट्रैवल एडवाइजरी में नागरिकों को इन क्षेत्रों से दूर रहने को कहा गया है:

लेबनान और सीरिया सीमा: सीमा से 4 किमी के भीतर न जाएं।

गाजा सीमा: सीमा से 11.3 किमी के दायरे से दूर रहें।

गाजा: यहाँ जाने पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध और सख्त चेतावनी दी गई है।

निष्कर्ष: नाजुक मोड़ पर दुनिया

फिलहाल पूरा क्षेत्र एक 'प्रेशर कुकर' जैसी स्थिति में है। अमेरिका द्वारा कर्मचारियों को निकालना और ईरान की युद्ध की धमकी संकेत दे रहे हैं कि आने वाले कुछ घंटे कूटनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण होने वाले हैं।

अन्य खबरें