टेक्नोलॉजी डेस्क | गूगल ने एंड्रॉयड लवर्स के लिए खुशखबरी देते हुए Android 17 Beta 2 जारी कर दिया है। इस नए बीटा वर्जन में कंपनी ने मुख्य रूप से बड़ी स्क्रीन वाले डिवाइस (टैबलेट और फोल्डेबल) के अनुभव को सुधारने, डिवाइसों के बीच तालमेल बिठाने और ओटीपी (OTP) सुरक्षा को कड़ा करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
1. 'Bubbles' के साथ मल्टीटास्किंग होगी आसान
नए अपडेट में 'बबल' फीचर को विस्तार दिया गया है। अब किसी भी ऐप के आइकन को लंबे समय तक दबाकर उसे 'फ्लोटिंग विंडो' (बबल) में बदला जा सकेगा।
बबल बार: टैबलेट और फोल्डेबल फोन के टास्कबार में एक नई 'बबल बार' दिखेगी, जहाँ आप इन फ्लोटिंग ऐप्स को आसानी से मैनेज कर पाएंगे।
2. क्रॉस-डिवाइस हैंडऑफ (Cross-Device Handoff)
अब आपका काम एक डिवाइस पर नहीं रुकेगा। नए Handoff API की मदद से आप अपने फोन पर चल रहे किसी ऐप के टास्क को सीधे अपने टैबलेट या दूसरे एंड्रॉयड डिवाइस पर ट्रांसफर कर पाएंगे। यह 'ऐप-टू-ऐप' और 'ऐप-टू-वेब' ट्रांजिशन को बेहद सुगम बना देता है।
3. 'ओटीपी' सुरक्षा में बड़ा बदलाव (OTP Protection)
गूगल ने साइबर धोखाधड़ी रोकने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है।
3 घंटे की देरी: अब जो ऐप्स मैसेज प्राप्त करने के लिए अधिकृत (Recipient) नहीं हैं, उनके लिए ओटीपी की जानकारी 3 घंटे तक डिले (Delay) रहेगी।
यह नियम WebOTP, SMS Retriever फॉर्मेट और स्टैंडर्ड ओटीपी मैसेज पर लागू होगा, जिससे अनधिकृत ऐप्स तुरंत आपका ओटीपी नहीं देख पाएंगे।
4. अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी फीचर्स
| फीचर | उपयोग और लाभ |
|---|---|
| EyeDropper API | यूजर्स स्क्रीन पर दिख रहे किसी भी पिक्सल से उसका सटीक कलर कोड चुन सकेंगे। |
| Contacts Picker | यह आपकी वर्क और पर्सनल प्रोफाइल के बीच बेहतर तालमेल बिठाएगा और संपर्कों तक केवल 'सेशन-बेस्ड' एक्सेस देगा। |
| Ultra-Wideband (UWB) | FiRa 4.0 पर आधारित यह फीचर सुरक्षित और सटीक इंडोर नेविगेशन की सुविधा देगा। |
| स्ट्रीमिंग क्वालिटी | स्ट्रीमिंग ऐप्स अब बेहतर बैंडविड्थ मैनेजमेंट कर पाएंगे, जिससे वीडियो क्वालिटी और बेहतर होगी। |
किसे और कैसे मिलेगा यह अपडेट?
पिक्सल यूजर्स: जो यूजर्स 'Android Beta Program' में शामिल हैं, उन्हें यह अपडेट OTA (Over-the-Air) के जरिए मिल जाएगा।
अन्य डिवाइस: नॉन-पिक्सल यूजर्स इसे 'Android Studio' के जरिए 64-bit एमुलेटर पर टेस्ट कर सकते हैं।
फाइनल रिलीज: गूगल मार्च तक फाइनल SDK और API डिलीवर करने की योजना बना रहा है, जिसके बाद इसका स्टेबल वर्जन आम जनता के लिए उपलब्ध होगा।