केरल 'KERA' परियोजना: किसानों को स्मार्ट और जलवायु-अनुकूल बनाने के लिए राज्यव्यापी सर्वेक्षण शुरू

केरल राज्य कृषि विभाग ने विश्व बैंक (World Bank) की सहायता से कार्यान्वित 'KERA' (Kerala Climate Resilient Agri-Value Chain Modernization) परियोजना के तहत एक व्यापक 'कृषि प्रशिक्षण आवश्यकता मूल्यांकन सर्वेक्षण' शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना और उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस करना है।

11 Mar 2026  |  126

तिरुवनंतपुरम | केरल राज्य कृषि विभाग ने विश्व बैंक (World Bank) की सहायता से कार्यान्वित 'KERA' (Kerala Climate Resilient Agri-Value Chain Modernization) परियोजना के तहत एक व्यापक 'कृषि प्रशिक्षण आवश्यकता मूल्यांकन सर्वेक्षण' शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार करना और उन्हें आधुनिक तकनीक से लैस करना है।

सर्वेक्षण का मुख्य उद्देश्य: भविष्य की खेती की तैयारी

यह सर्वेक्षण केवल डेटा एकत्र करने के लिए नहीं है, बल्कि खेती के भविष्य को नई दिशा देने के लिए है। इसके मुख्य लक्ष्य इस प्रकार हैं:

ज्ञान का आकलन: वर्तमान कृषि पद्धतियों के बारे में किसानों की मौजूदा समझ को समझना।

आधुनिक तकनीक के प्रति जागरूकता: किसान इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), प्रिसिजन फार्मिंग (सटीक खेती) और ड्रोन तकनीक जैसी उन्नत तकनीकों के बारे में कितना जानते हैं, इसका पता लगाना।

जलवायु प्रतिरोध: जलवायु परिवर्तन के प्रति सहनशील और लचीली तकनीकों को अपनाने की किसानों की क्षमता का मूल्यांकन करना।

तकनीक से नवाचार तक का सफर

सर्वेक्षण के माध्यम से विभाग यह जानने का प्रयास कर रहा है कि क्या किसान वास्तव में खेती में नए प्रयोग करने के इच्छुक हैं।

"यह सर्वे न केवल किसानों की जरूरतों को पहचानेगा, बल्कि उनके लिए भविष्य के विशेषज्ञ प्रशिक्षण कार्यक्रमों का ब्लू प्रिंट (Blueprint) भी तैयार करेगा।"

खेती में शामिल होंगी ये आधुनिक तकनीकें:

तकनीकउपयोग
IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स)मिट्टी की नमी और मौसम की सटीक निगरानी के लिए।
AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता)फसल रोगों की पहचान और पैदावार के पूर्वानुमान के लिए।
ड्रोन तकनीककीटनाशकों के छिड़काव और बड़े खेतों की निगरानी के लिए।
प्रिसिजन फार्मिंगसंसाधनों (पानी, खाद) के सटीक और कम उपयोग से अधिक उत्पादन के लिए।

प्रशिक्षण की नई रूपरेखा

सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी के आधार पर, राज्य सरकार किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल तैयार करेगी। इससे किसानों को न केवल अपनी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, बल्कि वे वैश्विक स्तर पर हो रहे कृषि बदलावों के साथ कदम से कदम मिला सकेंगे।

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