बंगाल चुनाव में नया 'तीसरा कोण': ओवैसी और हुमायूं कबीर ने मिलाया हाथ, 1 अप्रैल से बहरामपुर में सजेगा चुनावी मंच

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनावों से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP के साथ चुनावी गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया है। ओवैसी ने ममता बनर्जी और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल के लोग अब 'घुटन' महसूस कर रहे हैं और यह गठबंधन उन्हें एक सशक्त विकल्प प्रदान करेगा।

25 Mar 2026  |  78

 

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनावों से ठीक पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर की पार्टी AJUP के साथ चुनावी गठबंधन का औपचारिक ऐलान कर दिया है। ओवैसी ने ममता बनर्जी और भाजपा दोनों पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल के लोग अब 'घुटन' महसूस कर रहे हैं और यह गठबंधन उन्हें एक सशक्त विकल्प प्रदान करेगा।

"ममता की राजनीति ने भाजपा को बढ़ाया"

कोलकाता में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ओवैसी ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि:

वोट बैंक की राजनीति: टीएमसी ने दशकों से मुसलमानों के वोट तो लिए, लेकिन समुदाय के विकास के लिए कुछ नहीं किया।

नौकरी और पिछड़ापन: बंगाल में केवल 7% मुसलमान ही सरकारी नौकरियों में हैं। मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे इलाकों में आज भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है।

भाजपा का उदय: ओवैसी का दावा है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नीतियों के कारण ही बंगाल में भाजपा को अपनी पैठ बनाने का मौका मिला।

किंगमेकर की भूमिका में गठबंधन?

हुमायूं कबीर ने दावा किया कि यह गठबंधन राज्य की 182 सीटों पर चुनाव लड़ेगा। उन्होंने आत्मविश्वास जताते हुए कहा कि यदि चुनाव में खंडित जनादेश (Hung Assembly) आता है, तो सरकार बनाने में उनकी भूमिका निर्णायक होगी।

हुमायूं कबीर का बयान: "हमारा गठबंधन केवल विधानसभा तक सीमित नहीं है, हम आगामी संसदीय चुनाव भी साथ मिलकर लड़ेंगे।"

मुर्शिदाबाद से शुरू होगा मिशन बंगाल

ओवैसी ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य एजेंडा 'मुस्लिम सशक्तिकरण और राजनीतिक नेतृत्व' को मजबूत करना है।

चुनावी रैलियां: ओवैसी बंगाल में कम से कम 20 रैलियां करेंगे, जिसकी शुरुआत 1 अप्रैल को बहरामपुर (मुर्शिदाबाद) से होगी।

नामांकन: हुमायूं कबीर के नामांकन दाखिल करते समय ओवैसी खुद वहां मौजूद रहेंगे।

कोलकाता रैली: चुनाव प्रचार के दौरान कोलकाता में भी एक बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी।

महत्वपूर्ण चुनावी तिथियां (2026)

पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे:

पहला चरण: 23 अप्रैल

दूसरा चरण: 29 अप्रैल

मतगणना (Results): 4 मई 2026

गठबंधन के मुख्य मुद्दे: एक नजर में

मुद्दागठबंधन का रुख/तर्क
मुस्लिम नेतृत्वबंगाल में अल्पसंख्यकों के लिए स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करना।
विकासजल संकट (मालदा/मुर्शिदाबाद) और सरकारी नौकरियों में भागीदारी बढ़ाना।
रणनीतिउन सीटों पर फोकस करना जहाँ अल्पसंख्यक मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं।
लक्ष्यममता और भाजपा के बीच फंसे मतदाताओं को तीसरा विकल्प देना।

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