JDU का बड़ा कदम: बागी सांसद गिरधारी यादव की सदस्यता रद्द करने की मांग, नीतीश कुमार फिर बने निर्विरोध अध्यक्ष

बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने बागी तेवरों के लिए चर्चित बांका सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है। पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को औपचारिक नोटिस सौंपकर गिरधारी यादव की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग की है। उन पर लंबे समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और आधिकारिक नीति के खिलाफ बयानबाजी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

25 Mar 2026  |  69

 

पटना/नई दिल्ली: बिहार की सत्ताधारी पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) ने अपने बागी तेवरों के लिए चर्चित बांका सांसद गिरधारी यादव के खिलाफ आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है। पार्टी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को औपचारिक नोटिस सौंपकर गिरधारी यादव की संसद सदस्यता रद्द करने की मांग की है। उन पर लंबे समय से पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने और आधिकारिक नीति के खिलाफ बयानबाजी करने का गंभीर आरोप लगाया गया है।

बेटे के लिए RJD का प्रचार बना गले की फांस

जेडीयू सूत्रों के अनुसार, गिरधारी यादव के खिलाफ सबसे बड़ा आरोप पिछले साल हुए बिहार विधानसभा चुनावों से जुड़ा है। आरोप है कि गिरधारी यादव के बेटे ने विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर चुनाव लड़ा था और सांसद ने अपनी ही पार्टी की लाइन से बाहर जाकर अपने बेटे के पक्ष में चुनाव प्रचार किया था। जेडीयू ने इसे अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा माना है और सबूत के तौर पर आवश्यक दस्तावेज भी स्पीकर को सौंपे हैं।

EVM और SIR पर बयानों से बढ़ी दूरियां

सांसद गिरधारी यादव केवल पारिवारिक कारणों से ही नहीं, बल्कि वैचारिक स्तर पर भी पार्टी के लिए मुसीबत बने हुए थे।

EVM पर विवाद: पिछले साल जुलाई में उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के खिलाफ सार्वजनिक बयान दिया था, जबकि जेडीयू हमेशा से चुनाव आयोग और ईबीएम की समर्थक रही है।

पार्टी की छवि को नुकसान: जेडीयू ने नोटिस में स्पष्ट किया कि सांसद की टिप्पणियों ने चुनावी साल में पार्टी को न केवल शर्मिंदा किया, बल्कि विपक्ष के आधारहीन आरोपों को अनजाने में बल भी दिया। इसके अलावा, एसआईआर (SIR) को लेकर दिए गए उनके बयानों को भी पार्टी विरोधी माना गया है।

नीतीश कुमार की ताजपोशी: फिर चुने गए JDU अध्यक्ष

एक ओर जहाँ पार्टी बागियों पर नकेल कस रही है, वहीं दूसरी ओर संगठन स्तर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दबदबा बरकरार है। मंगलवार को राजधानी दिल्ली में हुई घोषणा के अनुसार, नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से एक बार फिर जनता दल (यूनाइटेड) का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिया गया है।

पार्टी के निर्वाचन अधिकारी अनिल हेगड़े ने बताया कि अध्यक्ष पद के लिए केवल एक ही नामांकन दाखिल किया गया था। 22 मार्च को नामांकन और 24 मार्च को नाम वापसी की समय-सीमा समाप्त होने के बाद नीतीश कुमार के निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा कर दी गई।

प्रमुख घटनाक्रम: एक नजर में

विषयविवरण
कार्रवाईलोकसभा स्पीकर को गिरधारी यादव की सदस्यता निरस्त करने का नोटिस।
मुख्य आरोपबेटे के लिए RJD का प्रचार करना और EVM विरोधी बयान देना।
संगठननीतीश कुमार निर्विरोध जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित।
भविष्य की राहअब सबकी नजरें लोकसभा स्पीकर के फैसले पर टिकी हैं।

 

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